शामली। जिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए भोजन आपूर्ति का टेंडर विवादों के चलते निरस्त कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग अब इस प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करेगा। यह निर्णय टेंडर समिति द्वारा शिकायतों की जांच के बाद लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने नौ सितंबर को जिला अस्पताल में भोजन उपलब्ध कराने के लिए टेंडर जारी किया था। इसमें अलग-अलग 14 फर्म संचालकों ने अपनी निविदाएं डाली थीं। टेंडर शनिवार को खोला जाना था। हालांकि, उससे एक दिन पहले शुक्रवार को सहारनपुर निवासी फर्म संचालक शमीम ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि तकनीकी अर्हता पूरी होने के बावजूद उनकी फर्म को नियम विरुद्ध तरीके से बाहर कर दिया गया। इस शिकायत के बाद टेंडर नहीं खोला गया और समिति ने जांच शुरू कर दी। इसके बाद सोमवार को मुजफ्फरनगर की फर्म संचालक गुलशाना ने जिलाधिकारी आलोक यादव को पत्र लिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनकी फर्म को बिना किसी ठोस आधार के तकनीकी रूप से अयोग्य घोषित किया। फर्म संचालकों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
गुलशाना ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि अनुचित आपत्तियां थोपकर उनकी फर्म को बाहर किया गया। फर्म संचालक का दावा है कि विभाग ने अनावश्यक दस्तावेज अपलोड करने की आपत्ति दर्ज की। जबकि उनकी फर्म ने कोई अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड नहीं किया था। उन्होंने इसे गुमराह करने का प्रयास बताया।
इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी और टेंडर समिति के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भोजन आपूर्ति के टेंडर को लेकर विवाद और आपत्तियां सामने आई थीं। इन्हीं कारणों से समिति ने टेंडर निरस्त करने का फैसला किया। अब स्वास्थ्य विभाग जल्द ही नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।