शामली। शहर कोतवाली पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई न कर समझौता करने का दबाव बनाने से आहत होकर पीड़ित परिवार घर पर ताला लगाकर चला गया। पीड़ित ने घर के मुख्य गेट पर सफेद चॉक से मकान बिकाऊ है लिखा है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी उनके घर पर आकर गलत व्यवहार कर रहे थे, जिस कारण उसे परिवार की सुरक्षा की खातिर घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा।
शहर के बुढ़ाना रोड पर रेलवे फाटक के निकट जाट कालोनी निवासी रविंद्र मलिक ने 29 मार्च को शहर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह किनौनी बजाज शुगर मिल में ड्यूटी पर रहता है। उसका बेटा प्रिंस वेट लिफ्टर है और बागपत में प्रैक्टिस करता है। घर पर पत्नी व बेटी रहती है। पीड़ित ने बताया कि 22 मार्च की रात को पड़ोस में रहने वाले परमजीत और उसके साथी मोनू निवासी खेड़ी ने घर के बाहर तोड़फोड़ करते हुए परिजनों से अभद्र व्यवहार किया। परिजनों ने किसी तरह गेट बंद कर अपनी जान बचाई। पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने एक सप्ताह बाद 29 मार्च को रिपोर्ट दर्ज की। आरोप है कि पुलिस आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई न करके उस पर समझौता करने का दबाव बना रही है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपी धमकी दे रहे हैं और गलत व्यवहार करते हैं। पुलिस उसकी सुन नहीं रही है।
पीड़ित ने बताया कि परिवार की सुरक्षा और आरोपियों के गलत व्यवहार करने के कारण उसे घर छोड़ना पड़ा। उसने अपना मकान बेचने के लिए मकान बिकाऊ है लिखा है। वह अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद नहीं करना चाहता। इसलिए मजबूरी में उसने यह कदम उठाया। पीड़िता का कहना है कि वे एक-दो दिन में उच्चाधिकारियों से मिलकर न्याय की मांग करेंगे। इस संबंध में एसएसपी सुकीर्ति माधव का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।