शामली। जल संरक्षण के उद्देश्य से जिले के तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। जल्दी ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलने वाला है। तालाबों की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को पहले समझाया जाएगा, यदि नहीं माने तो कड़े कदम उठाते हुए अतिक्रमण हटाने के साथ ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि जिले की 230 ग्राम पंचायतों में करीब 520 तालाब हैं। काफी संख्या में तालाबों की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा है। तालाबों से अतिक्रमण हटाने को लेकर जिला स्तर पर कार्ययोजना बनाई जा रही है। डीएम ने आदेश दिया है कि तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाने जरूरी हैं।
इसी लिहाज से उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और बीडीओ (खंड विकास अधिकारी) को निर्देश दिया है कि अपने अपने क्षेत्र के गांवों में तालाबों की वर्तमान स्थिति की जांच करके सूची बनाएं कि कहां-कहां पर तालाबों की जमीन पर अवैध कब्जा है।
सात दिन के भीतर यह सूची तैयार की जानी है। उधर, अपर जिलाधिकारी भरत पांडे ने डीआरडीए के सहायक अभियंता से तालाबों की सूची मांगी है, जिसमें यह भी पूछा गया है कि किस ब्लाक में कितने तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया, कितने सूखे हैं और कितनों पर अतिक्रमण है।
इस तरह हटेगा अतिक्रमण
जिस गांव में भी तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा है, उस क्षेत्र के नायब तहसीलदार, तहसीलदार, एसडीएम के अलावा ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान को साथ लेकर अतिक्रमण करने वालों से बात की जाएगी। अतिक्रमण हटाने के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया जाएगा। यदि उसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है, तो प्रशासनिक टीम खुद ही अतिक्रमण हटवाएगी तथा अतिक्रमण करने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वाटर रिचार्जिंग में मिलेगा लाभ
भूजल स्तर के लिहाज से शामली जनपद के पांचों ब्लाक डार्क जोन में है। अत्यधिक दोहन और वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था न होने के कारण जलस्तर लगातार नीचे गिर रहा है। तालाबों से अतिक्रमण हटाए जाने का सबसे बड़ा फायदा भूजल स्तर के सुधार में मिलेगा। जिले में तालाबों पर कब्जा होने के कारण बरसात का पानी इकट्ठा नहीं हो पाता और वाटर रिचार्जिंग की समस्या रहती है।
भूजल स्तर और जल संरक्षण के लिए तालाबों से अतिक्रमण हटाए जाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। ब्लाक स्तर पर तालाबों की सूची बनवाई जा रही है, जिसके बाद अभियान शुरू किया जाएगा। - सुजीत कुमार, डीएम शामली