शामली। जिले के स्कूल संचालक वाहनों की फिटनेस कराने में रूचित नहीं ले रहे हैं। जिले के स्कूलों में लगभग एक तिहाई वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। एआरटीओ ने स्कूल संचालकों को नोटिस भेजकर वाहनों की फिटनेस कराने को कहा है। वाहनों की फिटनेस कराने पर जोर इसलिए दिया जा रहा है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में जरूरत पड़ने पर उन वाहनों को अधिग्रहीत कर इस्तेमाल में लिया जा सके।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रशासन ने वाहनों के अधिग्रहण करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव में स्कूल के वाहनों को भी अधिग्रहीत कर इस्तेमाल में लेने की तैयारी चल रही है । एआरटीओ कार्यालय के मुताबिक जिले के स्कूलों में लगभग 750 वाहन बस, मिनी बस, मैजिक आदि परिवहन विभाग में पंजीकृत है। इनमें करीब 300 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। परिवहन विभाग ने सीबीएसई बोर्ड से संचालित 33 विद्यालयों के 253 ऐसे वाहनों की सूची तैयार की है, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा अन्य बोर्ड से संचालित विद्यालयों के वाहनों की सूची तैयार की जा रही है।
एआरटीओ कार्यालय से इन वाहनों की फिटनेस कराने के लिए स्कूल संचालकों को नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू की गई है। एआरटीओ मुंशीलाल ने बताया कि जिले में करीब 300 स्कूल वाहन ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है। उन्होंने स्कूल संचालकों से कहा है कि बच्चों को लाने व ले जाने वाले जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, उनकी फिटनेस करा ले। इस संबंध में स्कूल संचालकों को नोटिस भी भेजे जा रहे है। स्कूूल संचालकों से यह भी कहा गया है कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 के लिए वाहनों की जरूरत को देखते हुए वाहनों को ठीक दशा में रखे ताकि निर्वाचन कार्य के लिए जरूरत पड़ने पर उन वाहनों को अधिग्रहीत किया जा सके। एआरटीओ ने कहा कि जिले में अभियान चलाकर वाहनों की फिटनेस की जांच की जाएगी। इस दौरान अगर बिना फिटनेस के कोई वाहन संचालित मिलता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वाहनों की फिटनेस के लिए ये होना जरूरी:
- रिफ्लेकटर टेप लगी होना
- वाहन की बॉडी सुरक्षित होना
- लाइट व इंडीकेटर ठीक होना
- स्कूल के वाहन का रंग होगा
- सीटों की संख्या मानक अनुरूप होना
- धुआं प्रदूषण मुक्त होना
- स्पीड गर्वनर लगा होना