खेत होने लगे खाली, गेहूं की बुवाई शुरू
शामली। चीनी मिलें चालू होने के बाद खेत खाली होने लगे हैं तथा किसानों ने गेहूं की बुवाई शुरू कर दी है। जिले में 10 प्रतिशत से ज्यादा बुवाई हो भी चुकी है। जनपद में इस बार गेहूं की 48, 973 हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य है।
जिले में करीब 1,60,907 हेक्टेयर कृषि उपयोग की भूमि है। करीब सवा लाख किसान गन्ना और गेहूं सहित अन्य फसलों का उत्पादन करते हैं। इस बार शुगर मिलें गन्ने का रकबा लगभग 80 हजार हेक्टेयर है। गन्ना रकबा बढ़ने से शुगर मिलों को जल्दी चलाने के लिए दबाव था, लेकिन जिले की तीनों शुगर मिलें लगभग पिछले साल के समय पर ही चली हैं। किसान तेजी से गन्ने की कटाई कर खेत खाली करने में जुटे हैं। खेत खाली होते ही गेहूं की बुवाई भी की जा रही है। जनपद में इस बार 48, 973 हेक्टेयर गेहूं की फसल बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 24.59 प्रतिशत की बुवाई हो चुकी है।
50 प्रतिशत अनुदान पर मिल रहा बीज
रबी सीजन के लिए जिले में गेहूं, चना, मटर एवं सरसों से का बीज ही किसानों को बिक्री के लिए कृषि विभाग को मिला है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरिशंकर सिंह ने बताया कि गेहूं का आधारीय बीज 3815 तथा प्रमाणित बीज 3580 रुपये क्विंटल है। चना 8350, सरसों 7785 तथा मटर का बीज 7350 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। बीज पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा।
घट रहा गेहूं का रकबा
जिले के किसान गन्ने की खेती को तरजीह दे रहे हैं। इस बार गन्ने का रकबा लगभग दस हजार हेक्टेयर बढ़ा हुआ है, जबकि गेहूं का रकबा कम हो रहा है।
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जिले में गेहूं का रकबा हेक्टेयर में
वर्ष रकबा
2017-18 --- 51015
2018-19 --- 50480
2019-20 --- 48924
2020-21 लक्ष्य--- 48973
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रबी फसल की बुवाई का लक्ष्य एवं अब तक हुई बुवाई
फसल लक्ष्य हेक्टेयर में अब तक हुई बुवाई
गेहूं 48973 12045
मटर 35 35
चना 03 03
सरसों 2551 2551