शामली। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न मिलने और किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने कलक्ट्रेट में महापंचायत की। वक्ताओं ने कहा कि सात दिन के भीतर यदि समस्त बकाया भुगतान नहीं मिला तो सड़कों पर चक्का जाम कर दिया जाएगा।
वहीं, प्रशासनिक और मिल अधिकारियों के साथ वार्ता में भाकियू ने फैसला लिया कि भुगतान न होने पर शुगर मिलों से शीरा और चीनी भी नहीं निकलने दी जाएगी।
बुधवार को आयोजित महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि शुगर मिलों से किसान अपना हक मांग रहे हैं, कोई खैरात नहीं। किसानों ने पसीना बहाकर फसल तैयार की और मिल मालिकों को दे दी, लेकिन भुगतान के लिए तरसना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में बढ़ोत्तरी और बकाया बिजली बिल को लेकर किसानों का उत्पीड़न भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने फसलों का वाजिब दाम दिलाने, नलकूपों के कनेक्शन दिलाने, समस्त किसानों का कर्ज माफ कराने, भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस कराने की मांग भी उठाई।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष ओमपाल मलिक ने कहा कि अगला गन्ना पेराई सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन पिछले सत्र का भुगतान नहीं मिला। प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, विनोद निर्वाल, पप्पू कुड़ाना ने कहा कि प्रशासन और शासन किसानों को कमजोर न समझे। यदि हक मारा जाएगा तो किसान भी चुप नहीं बैठने वाला है।
उन्होंने कहा कि सात दिन के भीतर समस्त गन्ना मूल्य भुगतान होना चाहिए, नहीं तो सड़कों पर चक्का जाम करके आंदोलन किया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती और जनपद की तीनों शुगर मिलों के अधिकारियों को पंचायत में बुलाया गया।
भाकियू नेताओं ने कहा कि जब तक किसानों का पूर्ण भुगतान नहीं मिल जाता, तब तक शुगर मिलों से चीनी और शीरा भी बाहर नहीं निकलने देंगे। अध्यक्षता भाकियू जिलाध्यक्ष जावेद तोमर और संचालन विनोद निर्वाल ने किया। इस दौरान हाजी इकराम, जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद, सतपाल पहवान, जगबीर फौजी ने भी विचार रखे।
गन्ना मंत्री और मुख्यमंत्री पर कसे तंज ः शामली। महापंचायत में भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसे। उन्होंने कहा कि किसानों को पैसा आखिर कैसे मिलेगा? जब गन्ना मंत्री को शुगर मिल मालिक खुश रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पांच साल ही रहेगी, लेकिन अब किसान किसी बहकावे में नहीं आएंगे।
तालाबंदी करने पहुंचे कार्यकर्ता
शामली। कलक्ट्रेट में पंचायत के बाद भाकियू कार्यकर्ता शामली शुगर मिल में पहुंच गए। उन्होंने चीनी और शीरे के वाहनों को निकलने से रोकते हुए तालाबंदी करने का प्रयास किया। इसके बाद मिल अधिकारियों ने भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता से बात की, जिसके बाद उन्होंने बृहस्पतिवार से चीनी और शीरा निकलने से रोकने की बात कहकर तालाबंदी नहीं होने दी।