काला के आतंक का अंत, कैराना में खुशी
कैराना (शामली)। वर्ष 2014 और 2015 में कैराना में रंगदारी, हत्याओं के कारण हर तरफ दहशत थी। व्यापारी पलायन को मजबूर हो गए थे। 2015 के अंत में मुकीम गिरोह के बदमाश जेल में जाने शुरू हो गए थे। 2017 में भाजपा के सत्ता में आते ही बदमाशों के एंकाउंटर होने शुरू हुए तो लोगों में खौफ कम हुआ। अब चित्रकूट की जेल में गैंगवार में मुकीम काला के अंत होने के बाद कस्बे के व्यापारी इसे भगवान का इंसाफ मानते है।
कैराना निवासी व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपुल जैन ने बताया कि बदमाश का अंत कभी अच्छा नहीं होता। हत्या जैसा जघन्य अपराध करने वाले को भगवान ने सही सजा दे दी। व्यापारी रामकुमार सिंघल ने बताया कि मुकीम काला को उसके कर्मों की सजा मिली है। उसने बहुत महिलाओं की मांग के सिंदूर उजाड़े है। बुरे कर्मों का फल अवश्य मिलता है। व्यापारी वरुण सिंघल ने कहा कि बदमाश किसी का नहीं होता। मुकीम काला ने जैसा कर्म किया उसे वैसा ही फल मिलना था। मोबाइल व्यापारी अंकित जिंदल ने कहा कि मुकीम काला गिरोह ने निर्दोष लोगों की हत्याएं की थी। उसको अपने पापों की सजा मिली है।