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सात किमी की दूरी... बस चिट्ठी-चिट्ठी खेल रहे वन और लोक निर्माण विभाग

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शामली में पूर्वी युमना नहर की पटरी। - फोटो : SHAMLI
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शामली। वन विभाग और पीडब्ल्यूडी कार्यालय में तालमेल नहीं होने से पूर्वी यमुना नहर पटरी का चौड़ीकरण का प्रस्ताव एक साल में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ गया। दोनों विभागों के बीच इस दौरान बस पत्राचार ही हुआ है। दोनों विभागों के कार्यालयों की दूरी मात्र सात किमी है, लेकिन विभागों के अफसर एक दूसरे के यहां जाकर पेड़ कटान की लागत करने में आ रही अड़चनों पर बैठकर बात नहीं कर पाए। बस चिट्ठी-चिट्ठी खेल रहे हैं।
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बागपत के ककड़ीपुर गांव की सीमा से भैंसवाल गांव के पूर्वी यमुना नहर पुल तक 3.75 मीटर चौड़ाई की नहर की पटरी है। भैंसवाल गांव से गंदेवड़ा संगम सीमा तक पटरी की अधिक चौड़ाई है। पटरी पक्की होने के चलते यह मिनी बाईपास के रूप में उपयोग हो रही है। करमूखेड़ी से लेकर भैंसवाल गांव तक 9.10 किमी लंबी पटरी को सात मीटर चौड़ा कराने के लिए एक साल पहले सिंचाई विभाग पूर्वी यमुना नहर खंड ने पीडब्ल्यूडी को भूमि हस्तांतरित कर दी थी।
पीडब्ल्यूडी ने 22 करोड़ का अनुमानित बजट तैयार भी कर लिया। पावर कारपोरेशन को नहर की पटरी की जद में आने वाले बिजली के खंभों का और वन विभाग को पेड़ों के कटान की लागत का इस्टीमेट तैयार करके पीडब्ल्यूडी को देना था। पावर कारपोरेशन ने 50 लाख रुपये का अनुमानित आकलन तैयार करके भेज दिया है, लेकिन वन विभाग ने एक वर्ष बाद भी नहर की पटरी की चौड़ाई की जद में आने वाले पेड़ों के कटान का इस्टीमेट नहीं दिया है।
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लोक निर्माण विभाग ने अभी ऑनलाइन प्रस्ताव नहीं भेजा है
पूर्वी यमुना नहर की पटरी के चौड़ीकरण के लिए केंद्र सरकार को भेजे जाने वाला ऑनलाइन प्रस्ताव तैयार करके पीडब्ल्यूडी को भेजना है। प्रस्ताव केंद्र और प्रदेश सरकार, वन विभाग, वन मंत्रालय आदि को भी भेजी जाएगा। जिसके बाद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मिलने पर पेड़ों के कटान के लिए अनुमानित लागत आकलन तैयार करके पीडब्ल्यूडी को दिया जाएगा। - विनय कुमार सक्सेना, डीएफओ शामली।
वन विभाग सैद्धांतिक अनुमति दे, तभी तो भेजे ऑनलाइन प्रस्ताव
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता ललित अग्रवाल व जेई कन्हैया लाल ने बताया कि वन विभाग की ओर से नहर की पटरी की जद में आने वाले पेड़ों का कटान इस्टीमेट नहीं मिला है। जिससे पूर्वी यमुना नहर की पटरी के चौड़ीकरण का संयुक्त अनुमानित आकलन तैयार नहीं हो सका। वन विभाग सैद्घांतिक अनुमति देगा तभी ऑनलाइन प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
अधिकांश कार्यालय इसी मार्ग पर, पटरी पर बढ़ा आवागमन
भैंसवाल गांव के नहर पुल से लेकर पानीपत-खटीमा हाईवे तक पूर्वी यमुना नहर पुल के किनारे जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, विकास भवन, बीएसए, डीआईओएस कार्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, एसएसपी कार्यालय शिफ्ट होने से नहर की पटरी से आवागमन बढ़ा है। कलक्ट्रेट, जिला पंचायत कार्यालय, एआरटीओ कार्यालय व डीएम आवासीय कालोनी का निर्माण तेजी से चल रहा है।
सिंचाई विभाग एक साल पहले हस्तांतरित कर चुका पटरी मार्ग
बढ़ते हुए आवागमन के मद्देनजर डीएम जसजीत कौर ने नहर पटरी के चौड़ीकरण कराने की पहल की थी। उनके निर्देश पर सिंचाई विभाग ने पानीपत-खटीमा हाईवे से भैंसवाल नहर पुल तक पटरी के चौड़ीकरण के लिए एनओसी दी और एक साल पहले इसे निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित कर दिया।

शामली में पूर्वी युमना नहर की पटरी।- फोटो : SHAMLI

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