शामली। दो साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद शासन ने अधूरे कलक्ट्रेट कार्यालय निर्माण के लिए पांच करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है। राज्य निर्माण निगम के अफसरों का कहना है कि कलक्ट्रेट कार्यालय का निर्माण 30 नवंबर तक पूरा हो जाएगा।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव के जंगल में कलक्ट्रेट निर्माण के लिए 30 मार्च 2015 को शासन से 10.95 करोड़ की धनराशि जारी की थी। राजकीय निर्माण निगम को इसे बनाने का जिम्मा दिया गया था। काम बेहद सुस्त गति से शुरू हुआ। नवंबर 2019 में 29. 95 करोड़ की धनराशि की यूपी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी की गई। राजकीय निर्माण निगम दो साल पहले 29 करोड़ 95 लाख रुपये की धनराशि खर्च कर चुकी है लेकिन काम पूरा नही हुआ।
राजकीय निर्माण निगम अधूरे कलक्ट्रेट कार्यालय का निर्माण पूरा करने के लिए साढ़े पांच करोड़ रुपये की मांग शासन से कर रही थी। तत्कालीन डीएम रविंद्र कुमार सिंह के माध्यम से शासन को इसके बजट का प्रस्ताव भेजा गया था।तीन माह पूर्व प्रमुख सचिव की मौजूदगी शामली कलक्ट्रेट की वित्तीय स्वीकृत जारी करने का अनुमोदन हुआ था।
शनिवार को शामली कलक्ट्रेट कार्यालय निर्माण के लिए पांच करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने का लखनऊ से शासनादेश जारी कर दिया है। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मेनेजर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शासनादेश जिला मुख्यालय पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2025 तक शामली कलक्ट्रेट कार्यालय का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।