शामली। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कार और अन्य वाहन चालकों का एक साल पहले चालान कर दिया गया। मगर वाहन चालकों के मोबाइल पर मैसेज नहीं पहुंचा। अब चालक प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनका चालान एक साल पहले ही दो से तीन बार हो चुका है। जब तक चालान नहीं भरा जाएगा, तब तक प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बनेगा। परेशान वाहन चालक परिवहन विभाग के कार्यालय में गुहार लगा रहे हैं।
- केस-1 : शामली के फव्वारा चौक के रहने वाले अजय ने बताया कि दो दिन पहले ही वह कार का प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए गया था मगर उसे पता चला कि तीन बार एक साल पहले उसका चालान हो चुका है, जिसके कारण उसका प्रमाणपत्र नहीं बनाया जा सकेगा। अब चालान कहां-कहां पर हुआ, इसकी जानकारी लेने के लिए अजय परिवहन विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। बताया कि चालान होने के बावजूद उसके मोबाइल पर मैसेज नहीं भेजा गया।
केस-2 : कांधला के रहने वाले कय्यूम ने बताया कि वह प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचे तो उसे पता चला कि उसकी कार के दो बार चालान किए जा चुके हैं जिसके कारण उसका प्रमाणपत्र चालान भरे जाने तक नहीं बनेगा। कय्यूम ने बताया कि उसके मोबाइल पर चालान का मैसेज कभी आया ही नहीं। एआरटीओ से शिकायत की है।
केस-3 : शहर के टायर मार्केट के रहने वाले नदीम ने बताया कि उसकी कार का एक साल पहले चालान कर दिया गया था, मगर उसके पास कोई मैसेज नहीं भेजा गया। अब प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचा तो चालान का पता लगा। उसका दो हजार का चालान किया गया था। परिवहन विभाग के कार्यालय पर शिकायत की है।
ये तीन उदाहरण बानगी भर मात्र हैं। परिवहन विभाग के अनुसार, तीन हजार से अधिक वाहन चालकों के फोन नंबर अपडेट नहीं होने के कारण इस तरह की परेशानी आ रही है। प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने जाने पर चालान का लोगों को पता लग रहा है।
नेटवर्क में कमी और मोबाइल अपडेट नहीं होने के कारण इस तरह की परेशानी वाहन चालकों के सामने आ रही है। वाहन चालकों से अपील है कि वह अपना मोबाइल नंबर अपडेट जरूर करा लें। कई मामलों में दर्ज मोबाइल नंबर ही स्विच ऑफ मिल रहे हैं, जिसके कारण उनके मोबाइल पर चालान का मैसेज नही जा पाता।
रोहित राजपूत, एआरटीओ शामली
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गाड़ी बाहर निकालने से भी हिचक रहे वाहन चालक
चालान का पता चलने पर चालक वाहनों को बाहर निकालने से भी हिचक रहे हैं, उन्हें डर है कि कहीं फिर से उनकी कार का चालान नहीं हो जाए। नदीम का कहना है कि नंबर अपडेट होने के बावजूद उसे मैसेज नहीं मिला।
फैक्ट फाइल
जिले में करीब दो लाख दुपहिया चार पहिया और अन्य वाहन हैं।