अमृत सरोवर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान का निकला दम कई स्थानों पर पौधे सूखे तो कहीं मौके से गुम हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
हसनपुर लुहारी। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एक पेड़ मां के नाम अभियान की जमीनी हकीकत कई स्थानों पर चिंताजनक नजर आ रही है। क्षेत्र के अमृत सरोवरों पर लगाए गए पौधों में से अधिकांश या तो पानी के अभाव में सूख चुके हैं या फिर मौके पर पौधे दिखाई ही नहीं दे रहे हैं।
अभियान के तहत किए गए पौधरोपण के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। सरकार द्वारा बड़े स्तर पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है, लेकिन अमृत सरोवरों पर लगाए गए पौधों की देखभाल के अभाव में यह प्रयास दम तोड़ता दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर पौधों के लिए बनाए गए गड्ढे तो मौजूद हैं, लेकिन वहां पौधे नहीं हैं। वहीं जहां पौधे लगे भी हैं, उनमें से अधिकांश सूख चुके हैं।
ग्रामीण राहुल,अजय का कहना है कि पौधरोपण के बाद नियमित सिंचाई और देखरेख की व्यवस्था नहीं की गई जिस कारण पौधे कुछ ही दिनों में नष्ट होने लगे है। यदि समय रहते पौधों की देखभाल नहीं की गई तो पौधारोपण अभियान केवल कागजों तक सीमित होकर रह जाएगा।
वही पर्यावरण प्रेमी सन्नी का कहना है पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। तभी एक पेड़ मां के नाम जैसे महत्वाकांक्षी अभियान का उद्देश्य पूरा हो सकेगा।
कोट
एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अमृत सरोवरों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराया गया है। पौधों की देखरेख और सिंचाई के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को निर्देशित किया गया है। यदि कहीं पौधे सूख गए हैं या उनकी संख्या कम पाई जाती है तो मौके पर जांच कराकर पुनः पौधरोपण कराया जाएगा। - दिनेश सैनी, एडीओ
हसनपुर लुहारी में सूखे पौधे। संवाद- फोटो : 1