शामली। नोटबंदी से पूर्व जिस तरह केंद्र सरकार ने देशवासियों से संपत्ति के बारे में सेल्फ डिक्लीयरेशन भरवाया था, उसी तरह गृहस्थी राशन कार्ड धारकों को भी अपना ब्यौरा देना होगा।
यदि ब्यौरा नहीं दिया और जांच में कार्ड धारक अपात्र पाया जाता है, तो संबंधित कार्ड धारक से प्राप्त किए गए खाद्यान्न की रिकवरी बाजारी मूल्य से डेढ़ गुना मूल्य पर की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय ने बताया कि गृहस्थी राशन कार्डों के सत्यापन और पात्रों लोगों को ही इसका लाभ दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिन लोगों का किन्हीं कारणों से गृहस्थी कार्ड धारकों की सूची में चयन हो गया है, तो वह स्वयं 25 जनवरी तक अपना विवरण संबंधित तहसील के आपूर्ति कार्यालय अथवा जिला पूर्ति कार्यालय में जमा कराकर कार्ड निरस्त करा सकते हैं। यदि किसी उपभोक्ता का कार्ड दो जगह/दो राशन विक्रेताओं के यहां चल रहा है, तो उसमें से एक स्थान पर दर्ज नाम को निरस्त करा लें।
उन्होंंने बताया कि पूर्व में कराए गए सर्वे और सत्यापन में ऐसे कई मामले सामने आए थे। इसलिए अब सतर्कता बरती जा रही है। यदि निर्धारित समय के अंदर कार्ड धारकों ने पालन नहीं किया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ये रहेंगे अपात्रता के कारण
नगरीय क्षेत्र में परिवार में कोई आयकर दाता, चार पहिया वाहन, एसी, 5 केवीए या उससे अधिक जेनरेटर, समस्त सदस्यों की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक, 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट, 80 वर्ग मीटर से अधिक कारपेट एरिया का व्यवसायिक स्थान या जिनके पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस है, वह अपात्रों की श्रेणी में माने जाएंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में परिवार में कोई आयकर दाता, चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर आदि), एयर कंडिशनर, पांच केवीए या उससे अधिक क्षमता का जेनरेटर, परिवार के किसी सदस्य के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि, समस्त सदस्यों की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक तथा परिवार के किसी सदस्य के पास लाइसेंसी शस्त्र है, तो वह भी अपात्र माना जाएगा। इसलिए पहले इन मानकों से गुजरना ही होगा।