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किसानों की समस्या, प्रदूषण बनेगा मुद्दा

Sun, 08 Jan 2017 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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political - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जहरीली हो चुकी कृष्णा नदी के कारण कई दशक से प्रदूषण की समस्या बनी है। थानाभवन क्षेत्र के गांवों में शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाता। सब्जी और गन्ना उत्पादक क्षेत्र की समस्याएं ढेरों है, मगर सियासतदां समस्याओं का समाधान कराने में कामयाब नहीं हो सके। एक बार फिर चुनाव सामने है, तो समस्याएं भी पहले ही तरह मुंह          बाए खड़ी हैं। मुद्दे कई हैं, जो थानाभवन विधानसभा क्षेत्र के चुनावी नतीजों को प्रभावित करेंगे। अब देखना यह है कि जनता जनार्दन किन मुद्दों पर अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव करती है। 
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दरअसल, थानाभवन सीट पर आजादी के बाद से अब तक 17 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। पांच बार ठाकुर बिरादरी का विधायक इस क्षेत्र ने दिया है, तो तीन बार मुस्लिमों को जनप्रतिनिधि बनने का मौका मिला। वहीं, वैश्य वर्ग से सोमांश प्रकाश दो बार विधायक चुने गए। 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर बसपा से अब्दुल वारिस, तो रालोद से अशरफ अली खान ने चुनाव लड़ा, इन दोनों की मजबूत लड़ाई का फायदा भाजपा के सुरेश राणा को मिल गया है। वह महज 265 वोटों के अंतर से अशरफ अली को हराकर चुनाव जीत गए थे। इन सबके बीच थानाभवन क्षेत्र की बड़ी समस्याओं के निराकरण का कोई रास्ता नहीं निकल पाया। 

थानाभवन सीट पर कुल तीन लाख 10 हजार 307 मतदाता हैं, जिनमें एक लाख 70 हजार 654 पुरुष और एक लाख 39 हजार 653 महिलाएं हैं। इनमें सर्वाधिक संख्या मुस्लिम मतदाताओं की करीब 90 हजार से ज्यादा है। जाट करीब 40 हजार, एससी 58 हजार, सैनी 22 हजार, ठाकुर 20 हजार, वैश्य करीब 10 हजार, ब्राह्मण करीब 16 हजार हैं।  
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थानाभवन और जलालाबाद क्षेत्र में लहसुन, प्याज, गोभी और आलू की अच्छी पैदावार होती है। किसानों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिलता। कभी मौसम की मार पड़ जाती है, तो कभी मंदी की। फसलों का वाजिब दाम दिलाने के लिए भी नेताओं ने कोई खास प्रयास नहीं किया, जिस कारण यह मुद्दा भी चुनाव प्रभावित कर सकता है। 

थानाभवन में रेलवे हाल्ट है। स्टेशन बनवाने की मांग लंबे समय से चल रही है। इसकी मांग को लेकर कई बार अधिकारी वर्ग से लेकर कई नेताओं तक लोग जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समधान नहीं हो सका है। इसके अलावा स्थानीय लोग जनप्रतिनिधियों से लेकर कई           बार रेल राज्यमंत्री को भी मांग पत्र  दे चुके हैं। आगामी विधानसभा  चुनाव में रेलवे स्टेशन भी मुद्दा बन सकता है।

चुनावी समीकरण
इस बार सपा ने थानाभवन सीट से किरणपाल कश्यप को प्रत्याशी बनाया है, तो बसपा ने अब्दुल वारिस को प्रत्याशी घोषित किया हुआ है। 2012 के चुनाव में अब्दुल वारिस बसपा से लड़े थे, तो अशरफ अली खान रालोद प्रत्याशी थे। इस बार अशरफ अली खान भी बसपा में हैं, तो उनका फायदा अब्दुल वारिस को मिलने की संभावना है।   भाजपा के सुरेश राणा मौजूदा विधायक हैं, जिसके चलते भाजपा से उनका टिकट पक्का माना जा रहा है। रालोद और कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। रालोद से सैनी, मुस्लिम और ब्राह्मण के साथ ही जाट बिरादरी के नेता भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। यदि रालोद ने किसी मुस्लिम को प्रत्याशी बनाया, तो बसपा प्रत्याशी के लिए मुश्किल पैदा हो जाएगी, यदि सैनी को प्रत्याशी बनाया तो वह भाजपा के लिए कठिनाई भरा होगा। इसके बावजूद थानाभवन सीट पर जाटों का रुख भी चुनाव के परिणाम को काफी हद तक प्रभावित करेगा। रालोद का परंपरागत वोटर जाटों का रूझान यदि किसी दूसरे दल की तरफ होता है, तो वह समीकरण बदल देगा। 
 
प्रदूषण 
सहारनपुर से शुरू होकर थानाभवन क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांवों को जोड़ती हुई कृष्णा नदी बागपत के बरनावा में हिंडन नदी में जाकर मिलती है। कृष्णा नदी जहरीली हो चुकी है, जिस कारण थानाभवन क्षेत्र के कई गांवों में प्रदूषण फैला और हैंडपंपों से जहरीला पानी निकलने लगा। कई गांवों में बीमारियां फैलीं और मौतें तक हुईं। कृष्णा नदी के प्रदूषण को समाप्त करने के लिए ग्रामीणों ने आंदोलन भी किए। एनजीटी भी प्रदूषित पानी निकलने वाले गांवों में पेयजल आपूर्ति शुद्ध कराने के निर्देश जारी कर चुका है। आने वाले चुनाव में यह बड़ा मुद्दा हो सकता है। 
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