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सामान हटवाने को लेकर वकीलों में रोष, डीएम से शिकायत

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ऊन तहसील में टूटा पडा फर्नीचर। - फोटो : SHAMLI
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तहसीलदार पर सामान उठवाकर बाहर फिंकवाने का लगाया आरोप
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झिंझाना। तहसील ऊन में वकीलों के बैठने की जगह को लेकर एक बार फिर वकील एवं तहसील प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। वकीलों ने तहसीलदार पर उनकी कुर्सी मेज प्रांगण से बाहर फेंकने का आरोप लगाया है। जिसको लेकर वकीलों में रोष है। इस संबंध में वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मिलकर समस्या के समाधान कराने की मांग की है।
बृहस्पतिवार को ऊन तहसील के बाहर वकीलों के बैठने वाले स्थान पर मिट्टी भराव का कार्य चल रहा है। इसके चलते बुधवार से वकील तहसील परिसर में अंदर पार्किंग स्थल पर कुर्सी मेज डालकर बैठ रहे थे। आरोप है कि बृहस्पतिवार को तहसीलदार अजय शर्मा ने पुलिसकर्मियों के सहयोग से वकीलों की कुर्सी मेज और अन्य सामान वहां से हटवाकर तहसील परिसर से बाहर रखवा दिया। इस मामले को लेकर तहसीलदार और वकीलों के बीच बैठने की जगह को लेकर विवाद हो गया। बुधवार को वकीलों ने अपना स्थान बदलकर पार्किंग स्थल पर अपनी कुर्सी मेज रख ली। इस पर तहसीलदार ने आपत्ति व्यक्त करते हुए वकीलों को वहां से हटने को कहा, लेकिन वकील नहीं माने, आरोप है कि तहसीलदार ने पुलिस फोर्स को साथ लेकर वकीलों की कुर्सी मेज बाहर फिकवा दीं। इससे वकीलों में रोष फैल गया।
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बार संघ के अध्यक्ष सतबीर सिंह का आरोप है कि तहसीलदार अजय शर्मा ने तानाशाही रवैया अपनाकर उनकी कुर्सी मेज बाहर फिकवा दी, जिससे सारा फर्नीचर टूट गया। उन्होंने बताया कि निवर्तमान एसडीएम गौरव सिंह सोगरवाल से हुई वार्ता के कारण ही वकील बैठे थे। भराव तथा चारदीवारी का कार्य पूर्ण होते ही वकील अपनी जगह पर बैठने को तैयार है।
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दूसरी ओर तहसीलदार अजय शर्मा का कहना है कि वकीलों को पार्किंग स्थल पर बैठने से मना किया गया था। जब वे नहीं माने तो मजबूरन सामान उठाना पड़ा। इस संबंध में बार संघ का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष सतबीर सिंह के नेतृत्व में डीएम अखिलेश सिंह से मिला और तहसील प्रशासन की शिकायत की। डीएम ने मामले का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।

ऊन तहसील में उदास बैठे वकील- फोटो : SHAMLI

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