शामली के ऊन तहसील कार्यालय में तैनात बाबू पर लगे भ्रष्टाचार समेत अन्य गंभीर आरोपों के चलते डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए उसकी सेवा समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए। बृहस्पतिवार को आदेशों की प्रति तहसील कार्यालय में पहुंचने के बाद बाबू को रिसीव कराई गई।
ऊन तहसील में उपजिलाधिकारी के बाबू पद पर तैनात मयंक शर्मा पर करीब पांच महीने पहले तहसील कार्यालय में लाइसेंस के नवीनीकरण कराने आए जिजौला निवासी नाजीम ने रिश्वत मांगने की शिकायत डीएम से की थी। इस पर डीएम ने बाबू को निलंबित कर जांच एसडीएम सदर एमपी सिंह को सौंपी थी। इससे पहले बाबू कलेक्ट्रेट में काफी विवादित रहा। जांच में शामली कलक्ट्रेट में लगे आरोपों को भी शामिल किया गया।
इस बाबू पर मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति में गलत शपथ पत्र दाखिल करने, फरियादियों और कलक्ट्रेट में तैनात कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने तथा भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोपों की जांच एसडीएम एमपी सिंह ने की। इसमें बाबू पर लगे सभी आरोप सही पाए गए और इसकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी गई।
रिपोर्ट के आधार पर डीएम सुजीत कुमार ने बाबू मयंक शर्मा की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए। आदेशों की प्रति ऊन तहसील में भी भेजी गई। एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी ने बताया कि आदेशों की प्रति मिली है जो बाबू को भी रिसीव करा दी गई है।