केस-2
बाबरी थाना क्षेत्र के एक गांव में नदी में नहाने के लिए गए 6वीं कक्षा के छात्र को खेत में ले जाकर 19 साल के दो युवकों ने उसके साथ कुकर्म किया। बाद में फंसने के डर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हालांकि, पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही आरोपी राकिब और उसके साथी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।
केस-3
क्षेत्र के एक गांव में 7 अगस्त को कक्षा 12 की छात्रा को बहाने से खेत में ले जाकर कक्षा 11 और 12 के छात्रों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। चार अन्य आरोपियों ने मामले की सूचना परिजनों या फिर पुलिस को देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में तुरंत केस दर्ज कर कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस अभी फरार आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है।
केस-4
कुछ समय पूर्व ही झिंझाना क्षेत्र में दो युवकों ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों की
उम्र करीब 19 और 20 वर्ष थी।
सावधान...! कहीं आपका बच्चा भटक न जाए
सामाजिक कार्यकर्ता खुर्शीद आलम का कहना है कि बच्चों के साथ व्यवहार में कुछ एहतियात बरतने से उन्हें भटकने से रोका जा सकता है। बच्चे टीवी और मोबाइल देखें कोई बुराई नहीं है। मोबाइल और टीवी पर मनोरंजक कार्यक्रम भी आते हैं। अभिभावक हमेशा यह ध्यान रखें कि उनका बच्चा क्या और क्यों देख रहा है। अगर बच्चा अश्लीलता और हिंसा देख रहा है तो उसे रोकें। बच्चों के साथ अभिभावकों की संवादहीनता के परिणाम बेहद खतरनाक होते हैं।
अभिभावक यह भी करें
-बच्चों को 12 से 13 साल की उम्र के बाद समझाएं कि टीवी, मोबाइल आदि पर वे जो कुछ देखते हैं वह काल्पनिक दुनिया है।
-बच्चों को बताएं कि वास्तविक जीवन में सेक्स क्षणिक आत्म सुख देता है, दूसरों को दुख देने से आत्म सुख नहीं मिलता।
-बच्चों के सामने धर्म का सही स्वरूप रखें, उनमे नैतिक मूल्यों का विकास करें, मर्यादाएं बताएं और स्वयं आचरण का उदाहरण पेश करें।
-बच्चों को श्रमशील बनाएं। कम उम्र से ही श्रम की महत्ता बताएं और उन्हें व्यस्त रखने की व्यवस्था करें।
-बच्चों की ऊर्जा का सदुपयोग करने के लिए उन्हें रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।
-पारिवारिक और सामाजिक प्रतिबंधाें तथा नियंत्रण को मजबूत बनाएं।
मोबाइल पर अश्लील फिल्में भी है युवाओं के पथभ्रष्ट होने का प्रमुख कारण
किशोरों और युवाओं का यौन अपराधों की ओर आकर्षित होने का मुख्य कारण उनका भ्रमित होना है। टीबी, मोबाइल और अन्य माध्यमाें से वह यौन के बारे में काफी कुछ जान जाते हैं, वे यर्थाथ को प्रमाण मानते हैं। इसलिए प्रयोग करने को उत्सुक रहते हैं। माता पिता के पास बच्चों की देखभाल के लिए समय ही नहीं है। एकल परिवारों के कारण उन्हें आजादी भी मिल गई है। - डा. अरुण राय कुमार, मनोचिकित्सक शामली
बच्चों को गुड टच, बैड टच के बारे में भी बताएं
किशोरों द्वारा यौन मामलों को अंजाम देने के मामले गंभीर है। किशोर या फिर किशोरी को मोबाइल से दूर रखना चाहिए। साथ ही गुड टच और बेड टच के बारे में भी उन्हें बताए। जो किशोर नशे या फिर अन्य आपराधिक मामलों में लिप्त हैं, अपने बच्चों को उनसे दूर रखें। अभिभावकों को बच्चों को भी फ्रेंडली माहौल देना चाहिए। दोस्त बनकर उनकी समस्या का समाधान करें। - गजाला त्यागी, प्रभारी सखी वन स्टाप सेंटर और महिला कल्याण अधिकारी शामली
इन्होंने कहा
अभिभावकों को बच्चों की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। लोगों को मोहल्ले में संदिग्ध गतिविधियों वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनसे बच्चों को दूर रखना चाहिए। दुष्कर्म और कुकर्म समेत आपराधिक घटनाओं पर पुलिस तुरंत एक्शन लेती है। हाल ही में हुए कुछ मामलों में आरोपियों को भी पकड़ा गया है। - अभिषेक, एसपी शामली