- प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों-शिक्षा मित्रों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
- कक्षा तीन तक के बच्चों को पढ़ने-लिखने और संख्या ज्ञान में बनाएंगे अपेक्षित योग्य
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कक्षा तीन तक के बच्चों को पढ़ने, लिखने और संख्या ज्ञान में ग्रेड स्तर की अपेक्षित योग्यता हासिल कराना है। प्रशिक्षण को लेकर शासन स्तर से कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके अनुसार तीन स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भारत सरकार ने निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक कक्षाओं में सार्वभौमिक मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान प्राप्त करने और कक्षा तीन तक के सभी बच्चों में पढ़ने-लिखने और संख्या ज्ञान में ग्रेड स्तर की अपेक्षित योग्यता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत बच्चों में बुनियादी भाषा और गणित में कौशल विकास के लिए प्राथमिक विद्यालय के कक्षा एक से पांच तक के सभी शिक्षकों को चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शसन स्तर से प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी किया गया है। इसके तहत राज्य स्तर पर 11 से 18 जुलाई तक हर जिले से तीन एसआरजी और एक डायट मेंटर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त एसआरजी और डायट मेंटर 18 से 25 जुुलाई तक हर जिले में डायट पर एआरपी को प्रशिक्षण देंगे। 26 जुलाई से 15 सितंबर तक ब्लाक संसाधन केंद्रों पर एआरपी प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण देंगे। इसमें कंपोजिट के साथ संचालित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक व शिक्षा मित्र भी प्रशिक्षण लेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने बताया कि निपुण भारत के तहत प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों और शिक्षामित्रों को चार दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षकों की शत प्रतिशत प्रतिभागिता के लिए तिथिवार व बैचवार सूची तैयार कर उन्हें सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद भी अगर प्रशिक्षण में कोई शिक्षक अनुपस्थित मिलता है, तो उसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
अपने अनुभव साझा करेंगे नवाचार करने वाले शिक्षक
प्रशिक्षण के दौरान हर बैच से एक ऐसे प्रधानाध्यापक या शिक्षक का चयन किया जाएगा, जिसने अपने विद्यालय में सक्रिय पुस्तकालय, बच्चों की अधिगम दक्षता, कक्षा शिक्षण, ऑपरेशन कायाकल्प, एसएमसी समुदाय से सहयोग, सीएसआर फंड, प्रार्थना सभा, प्रिंटरिच, टीएलएम आदि क्षेत्रों में नवाचार किया हो। ऐसे शिक्षक को प्रशिक्षण में 15 मिनट का समय दिया जाएगा, जिसमें वे अपनी सफलता की कहानी सभी शिक्षकों के साथ साझा करेंगे, ताकि अन्य शिक्षक भी प्रेरित और प्रोत्साहित हो सके।