शामली। मौसम में बदलाव के कारण वायरल संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़े हैं। अस्पताल में वायरल बुखार, नजला, खांसी के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। जिला अस्पताल में करीब 400 मरीज वायरल संक्रमण के ही आ रहे हैं। इस बार वायरल बुखार पांच से सात दिन में ठीक हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि वायरल बुखार में नियमित रूप से समय पर दवा लेते रहें और शरीर को आराम देना चाहिए।
जिले में रात और दिन के तापमान में बड़ा अंतर चल रहा है। दिन का तापमान 23 और रात का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। इस तरह से रात और दिन के तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस का अंतर चल रहा है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में ओपीडी में एक हजार से ज्यादा मरीज आ रहे हैं, इनमें लगभग 400 मरीज वायरल संक्रमण के कारण बुखार, नजला व खांसी के होते हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सक समद अली ने बताया कि वायरल बुखार वैसे तो तीन दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन इस बार पांच से सात दिन ठीक होने में लग रहे हैं। सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव के कारण लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। इससे बचने के लिए लोगों को मौसम के अनुसार सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने के साथ खानपान में सावधानी बरतनी चाहिए। जब तक ठीक न हो तब तक बीच में दवा लेना न छोड़ें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उपकार मलिक का कहना है कि बच्चों में ज्यादातर वायरल बुखार, नजला, खांसी के मामले आ रहे हैं। दवा के साथ उन्हें ठंड व हवा से बचाने की सलाह दी जाती है।
- इस तरह से आ रहे केस
- राशिदा ने बताया कि पांच दिन पहले घर में सात साल के बच्चे को बुखार आया। इसके बाद उसे भी तीन दिन से बुखार आ रहा है। डाॅक्टर ने वायरल बुखार बताते हुए दवा दी है।
- नरेश ने बताया कि उसे पांच दिन पहले बुखार आया था। इसमें कभी तेज तो कभी हल्का बुखार आ रहा है। डाक्टर ने कहा कि दवा खाने से दो-तीन दिन में ठीक हो जाएगा।
- राकेश ने बताया कि उसे चार दिन से बुखार के साथ नजला व खांसी भी हो रही है। डाॅक्टर को दिखाया है। डाॅक्टर ने समय से लगातार दवा खाने की सलाह दी है।
सीएचसी में दो दिन बाद ठीक हुई एक्सरे मशीन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में मंगलवार दोपहर को एक्सरे मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिस कारण मरीजों को बिना एक्सरे के ही वापस जाना पड़ा था। बुधवार को अस्पताल की छुट्टी रही थी। बृहस्पतिवार को मशीन खराब होने के कारण मरीजों के एक्सरे नहीं हुए। दोपहर में इंजीनियरों ने पहुंचकर मशीन को ठीक किया। इसके बाद डेढ़ बजे से दो बजे तक आठ-दस एक्सरे ही हो सके। इससे पहले मरीजों को एक्सरे के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।