शामली। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू (एच-1 एन-1) की मंगलवार को जांच की सुविधा शुरू हो गई है। पहले दिन स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले चार मरीजों की आरटी पीसीआर जांच के लिए नमूने लिए गए। इनकी जांच रिपोर्ट बुधवार दोपहर तक आएगी। अब मरीजों के नमूने जांच के लिए मेरठ नहीं भेजे जाएंगे।
जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के खतरे को देखते हुए शासन के निर्देश पर सतर्कता बरती जा रही है। अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें सभी जरूरी संसाधन व दवाइयां रखी गई है हालांकि अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने बताया कि शासन स्तर से स्वाइन फ्लू (एच-1 एन-1) की 100 आरटीपीसीआर जांच किट मिली है। साथ ही जांच में इस्तेमाल होने वाला रिजेंट भी प्राप्त हो गया है।
मंगलवार से स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की आरटी पीसीआर जांच शुरू हो गई है। पहले दिन स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले चार मरीजों के नमूने लिए गए हैं। नमूनों की जांच जिला अस्पताल की लैब में की जाएगी। नमूनों की जांच रिपोर्ट बुधवार दोपहर तक आएगी। उन्होंने बताया कि अब मरीजों की जांच के लिए नमूनों को मेरठ मेडिकल नहीं भेजा जाएगा।
बुखार के मरीजों के लक्षणों पर रखी जा रही नजर : जिला अस्पताल में वायरल बुखार, नजला, खांसी के मरीजों की भीड़ लग रही है। चिकित्सक बुखार के मरीजों से उनके लक्षणों के बारे में पूछ रहे हैं। फिजिशियन डॉ. सचिन मलिक ने बताया कि उनके यहां ओपीडी में 230 के आसपास रोजाना मरीज आ रहे हैं, इनमें 100 के आसपास मरीज बुखार के आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि तेज बुखार के साथ नजला व खांसी होना शुरुआती लक्षण होते हैं। अगर समस्या बढ़ती है चिकित्सक की सलाह से जांच करानी चाहिए।
गंभीर स्थिति में तेज बुखार के साथ सांस फूलना, सीने में दर्द, ज्यादा नींद आना, ब्लड प्रेशर कम होना और नाखूनों का नीला पड़ना आदि होते हैं। ऐसे मरीजों को तत्काल अस्पताल लाकर जांच व उपचार कराना चाहिए।