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आत्महत्या है या हत्या, उलझी गुत्थी

Wed, 25 May 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शामली।
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crime - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली।  रेलवे ट्रैक पर मां, बेटा और बेटी की मौत आत्महत्या है या सुनियोजित ढंग से की गई हत्या । आखिर क्या है इन तीनों की मौत का राज। क्या परिवार के एक सदस्य की बीमारी में मौत होने पर तीन लोग आत्महत्या कर सकते हैं ? मरने के लिए शामली ही क्यों चुना ? क्यों गए थे हरिद्वार और सहारनपुर ? ऐसे कई सवाल हैं, जिस कारण आत्महत्या और हत्या की गुत्थी उलझी हुई है। 
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यह बात अलग है कि प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है। गांव करौदा महाजन निवासी उदयवीर ने शामली कोतवाली पहुंचकर पुलिस को बताया कि मुनेश के 19 वर्षीय छोटे बेटे सौरभ की पांच दिन पूर्व किडनी फेल होने से मौत हो गई थी। साथ ही बताया कि सौरभ की पढ़ाई और उसकी बीमारी में परिवार को काफी आर्थिक खर्चा हुआ।

इन बातों से ही पुलिस अनुमान लगा रही है कि सौरभ की मौत होने पर डिप्रेशन में आने पर मुनेश, उसकी बेटी लूना और बेटे धीरज ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या की, मगर सौरभ की मौत से तीनों केे  डिप्रेशन में आने की बात गले नहीं उतर रही। वहीं, परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी ऐसा नहीं है कि बीमारी ने उन्हें तंगहाली और मुफलिसी में धकेल दिया। क्योंकि मुनेश के पति दिल्ली पुलिस में उपनिरीक्षक हैं। 
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फिर क्यों हुआ ऐसा। क्या मुनेश, उसकी बेटी और बेटे ने आत्महत्या की, या फिर उनकी हत्या करके शव रेलवे लाइन पर लाकर डाले और फिर ट्रेन की चपेट में आने से उनके सिर धड़ से अलग हो गए। 

रेलवे ट्रैक पर मिले तीनों शवों की हालत देखकर प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला है। तीनों के सिर धड़ से अलग मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो सकेगा कि मौत कैसे हुई।   - विजय भूषण, पुलिस अधीक्षक

तीनों के सिर धड़ से अलग 
सोमवार रात जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो मुनेश और लूना का सिर रेलवे ट्रैक पर एक स्थान पर पड़ा मिला। उन दोनों के धड़ रेलवे लाइन के किनारे पड़े मिले, जबकि धीरज का सिर तीन कदम की दूरी पर रेलवे ट्रैक के बीच में पड़ा था। उसका धड़ क्षत विक्षत हो चुका था। 

ट्रेन में यात्रा के तीन टिकट मिले 
मुनेश के पास से ट्रेन में यात्रा के तीन टिकट मिले। पहला टिकट  21 मई का है, जो दिल्ली से सहारनपुर का है। दूसरा टिकट  22 मई को सहारनपुर से हरिद्वार का और तीसरा टिकट सहारनपुर से दोपहर ढाई बजे लिया, जो शामली तक आने का है। 

कहां गया सिम कार्ड 
मंगलवार दोपहर पुलिस ने डॉग स्कवायड टीम की मदद से रेलवे ट्रैक के आसपास छानबीन कराई। इस दौरान पुलिस को एक मोबाइल फोन भी मिला। उसका स्पीकर टूटा हुआ था। मोबाइल फोन में सिमकार्ड भी नहीं था। मोबाइल फोन से सिमकार्ड कहां गया। क्या किसी ने उनके मोबाइल फोन से सिमकार्ड निकाल लिया। वहीं, मुनेश, धीरज और लूना की मौत, आत्महत्या है या हत्या इसका राज पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी खुल सकता है। यदि इन तीनों को हत्या करने के बाद रेलवे ट्रैक पर डाला गया, तो वह भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाएगा। 
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