शामली। शामली मिल में पहले तकनीकी खराबी फिर धीमी गति से गन्ने की पेराई के चलते तीसरे दिन भी शहर में जाम लगा रहा। मुख्य मार्ग पर गन्ना वाहनों की लाइनें लगी होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
शामली शुगर मिल में तीन दिन पहले तकनीकी खराबी आने की वजह से गन्ना पेराई का कार्य बाधित हो गया था। कई घंटे तक मिल में पेराई न होने से शहर में गन्ना लेकर आए ट्रैक्टर-ट्राली व भैंसा बुग्गी की लाइनें दूर तक लग गई थीं और शहर में जाम की स्थिति बन गई। पूरे दिन शहर में जाम के हालात बने रहे थे। दूसरे दिन शनिवार को मिल में तकनीकी खराबी को ठीक हो गई, लेकिन गन्ने की पेराई का कार्य धीमा चलने और गांवों में रुका हुआ गन्ना एक साथ ज्यादा होने से दिनभर जाम के हालात बने रहे थे। जाम में एंबुलेंस से लेकर स्कूल की बसें व अन्य वाहन फंसे रहे थे। शहर के बीच की मुख्य सड़क पर दूर-दूर तक गन्ना वाहनों की लाइन लगी रही थी। लगातार तीसरे दिन रविवार को भी यही हालात बने रहे। मिल रोड से लेकर अस्पताल रोड, हनुमान रोड और वीवी इंटर कॉलेज रोड, सुभाष चौक तक गन्ना वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। गन्ना वाहनों के कारण लोगों को इन मार्गों से गुजरने में परेशानी झेलनी पड़ी। उधर, यातायात संचालन के लिए यातायात पुलिसकर्मी मशक्कत करते रहे। जिला यातायात प्रभारी सुखविंद्र सिंह का कहना है मिल में बार-बार खराबी के कारण जाम की समस्या बनती है। जाम के बीच से यातायात संचालन के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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-मेरठ-करनाल हाईवे पर बढ़ा वाहनों का दबाव
शहर के बीच से निकल रहे मेरठ-करनाल हाईवे पर वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम के हालात बने रहे। इस मार्ग पर पहले से ही हल्के व भारी वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है। अब शहर के बीच से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर गन्ने के वाहनों का जाम रहने के कारण वाहनों की संख्या और ज्यादा बढ़ गई है, जिससे इस मार्ग पर भी लोग जाम में फंसे रहे।
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ये बोले नागरिक, जाम का हो समाधान
मोहल्ला काकानगर निवासी मोबाइल विक्रेता अमित शर्मा उर्फ मोंटी का कहना है कि मिल में गन्ना लेकर आने वाले वाहनों से अक्सर जाम लगा रहता है। इससे कारोबार पर असर पड़ता है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए।
रेडीमेड गारमेंट व्यापारी राजीव संगल का कहना है कि शुगर मिल में गन्ना उतना ही मंगाना चाहिए, जितनी मिल को जरूरत है। जरूरत से ज्यादा गन्ना आता है, जिस पर ट्रैक्टर-ट्राली व बुग्गी सड़क पर ही खड़ी रहती हैं। इससे आने जाने में परेशानी होती है। अधिकारियों को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
व्यापारी सक्षम बंसल का कहना है कि गन्ना वाहनों के जाम की समस्या नई नहीं है। यह कई सालों से चली आ रही है, लेकिन इसके समाधान पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसका हल निकलना चाहिए। जाम के कारण कारोबार तो प्रभावित होता ही है। वहीं स्कूल के वाहन, एंबुलेंस जैसे जरूरी वाहन भी जाम में फंसे रहते हैं।
सीबी गुप्ता कालोनी निवासी सत्यम का कहना है कि मिल और प्रशासन को मिलकर गन्ना वाहनों से लगने वाले जाम का हल निकालना चाहिए। मिल में जब भी खराबी आती है, उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। ट्रैक्टर-ट्राली व भैंसा-बुग्गी के बीच से लोगों को और छात्र-छात्राओं को निकलना पड़ता है, जिससे जान जोखिम में रहती है। इसका समाधान होना चाहिए।