शामली। दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे और जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला 3.5 किलोमीटर भैंसवाल बाईपास पर बनने वाले अंडरपास की भूमि का रेलवे के अधिकारियों ने सीमांकन कर लिया है। मेरठ की निर्माण एजेंसी की ओर से भैंसवाल बाईपास के अंडरपास की भूमि की खोदाई का कार्य भी शुरू करा दिया गया है। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक जल्दी ही मौके पर अंडरपास का बक्सा तैयार करने का कार्य शुरू हो जाएगा। अगले ढाई माह में अंडरपास का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
जिला मुख्यालय और दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे को जोड़ने के लिए करीब आठ साल पहले 3.5 किमी लंबाई के भैंसवाल बाईपास में रेलवे अंडरपास प्रस्तावित किया गया था। जिले के लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल को अंडरपास निर्माण के लिए चार करोड़ 25 लाख रुपये की धनराशि हस्तांतरित कर दी है। भैंसवाल बाईपास का निर्माण पूरा हुए पांच साल बीत चुके हैं। धनराशि हस्तांरित होने के बाद
उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल भैसवाल बाईपास के अंडरपास का निर्माण नहीं करा पाया। कैराना सांसद प्रदीप चौधरी के प्रयास से उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल भैंसवाल बाईपास का अंडरपास बनाने को तैयार हुआ। दिल्ली मंडल ने भैसवाल अंडरपास का टेंडर छोड़ा। मेरठ की एजेसी के नाम निर्माण कार्यों का टेंडर लिया गया। बाईपास और अंडरपास का उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल अधिकारियो ने सीमांकन कार्य पूरा कर लिया है। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के सहायक अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि भैसवाल बाईपास के अंडरपास की खोदाई कार्य शुरू कर दी है। जल्दी ही मौके पर अंडरपास का सीमेंट बाक्स तैयार करने का काम शुरू हो जाएगा। अगले ढाई माह में भैसवाल बाईपास के अंडरपास का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
अंडर पास के निर्माण से लोगों को मिलेगी सहुलियत
नवीन जिला मुख्यालय काे दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने के लिए भैसवाल बाईपास का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। नवीन मुख्यालय आने के लिए थानाभवन-जलालाबाद से आने वाले नागरिकों को शामली के जाम में नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही लंबी दूरी भी तय नहीं करनी पड़ेगी। इस बाईपास के माध्यम से जिला मुख्यालय पहुंचने में आसानी होगी। एलम, कांधला, झिंझाना, ऊन की तरफ से जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए पूर्वी यमुना नहर की पटरी की सुविधा है।