फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गन्ना सर्वे ः दो धड़ों में बंटीं मिलें

Sun, 03 Jun 2018 11:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
विज्ञापन
suger mill - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
शामली। गन्ने की खड़ी फसल के सर्वे को लेकर चीनी मिलों में दो गुट बन गए हैं। इस्मा से जुड़ी चीनी मिलों ने गन्ने का सर्वे करने से इंकार कर दिया है। दूसरे गुट की चीनी मिलों ने गन्ने का सर्वे 15 दिन पूर्व कर लिया है। गन्ना सर्वे का  विरोध करने वाली चीनी मिलों का  सर्वे गन्ना सहकारी विकास समिति एवं परिषद के कर्मचारियों द्वारा एक  जून से शुरू किया गया है। इन मिलों का गन्ने का सर्वे 30 जून किया जाएगा।
विज्ञापन


जिले में चीनी मिलों द्वारा गन्ना पेेराई सत्र समाप्त होने के बाद गन्ने की बोई गई खड़ी फसल का सर्वे कराया जाता था। इस बार  जिले की शामली, थानाभवन और ऊन चीनी मिलों को वर्ष 2018 का पेेेराई सत्र मई के अंतिम सप्ताह में समाप्त हो गया था। हर साल प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा गन्ने की खड़ी फसल का सर्वे कराया जाता है। इस साल इस्मा से जुड़ी चीनी मिलों द्वारा गन्ना सर्वे से इंकार  कर दिए जाने से गन्ना सर्वे 15 दिन लेट हो गया।

इस्मा से जुड़ी जिले की सरशादी लाल समूह की अपर दोआब शुगर मिल शामली, आईपीएल समूह की तितावी और खतौली चीनी मिल चीनी मिलों का गन्ना सर्वे शामली सहकारी गन्ना विकास समिति द्वारा एक जून से शुरु  कराया गया है।
विज्ञापन

गन्ना सर्वे का विरोध न करने वाली  शामली जिले की राणा समूह की ऊन चीनी मिल,  बजाज समूह की थानाभवन और भैंसाना चीनी मिल द्वारा गन्ने की खड़ी फसल का सर्वे पिछले 15 दिन पूर्व  प्रारंभ कर दिया है, जिनका अभी तक 25 प्रतिशत सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे का विरोध कर दिए जाने वाली शामली- तितावी और खतौली चीनी मिलों का सर्वे कराया जा रहा है।

शामली सहकारी गन्ना विकास समिति और परिषद के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक   उपेंद्र कुमार  सिह ने बताया कि गन्ने का  सर्वे का विरोध करने वाली चीनी मिल शामली, तितावी, और खतौली चीनी मिल का सर्वे एक जून से शुरू कर दिया गया है। तीस जून तक गन्ना सर्वे पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गन्ना सर्वे करने वाली चीनी मिलों का 25 प्रतिशत  गन्ना सर्वे पूरा हो चुका है।

 आर्थिक  संकट से गुजर रही हैं चीनी मिलें

सरशादी लाल समूह की अपर दोआब चीनी मिल शामली  के वाइस प्रेेेसीडेंट व यूनिट हेड आरबी खोखर का कहना है कि इस्मा से जुड़ी चीनी मिलों द्वारा चीनी का रेट कम होने एवं चीनी मिलों के सामने आर्थिक संकट से गुजरने से गन्ने की खड़ी फसल का सर्वे का विरोध किया है।

20 प्रतिशत गन्ने की फसल का हो चुका सर्वे

बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल के वाइस प्रेसीडेंट व यूनिट हेड वीरपाल सिंह का कहना है कि बजाज समूह इस्मा में शामिल नहीं हैं। उनकी  चीनी मिल क्षेत्र का पांच हजार हैक्टेयर गन्ना यानि बीस प्रतिशत गन्ने का सर्वे हो गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें