शामली। सहकारी गन्ना समिति शामली के सभागार में गन्ना सुरक्षण को लेकर बैठक हुई, जिसमें बकाया भुगतान न होने और चीनी मिल प्रबंधन की मनमानी पर किसानों ने नाराजगी जताई। वहीं, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
सोमवार को शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय के सभागार में चेयरमैन कमलेश मलिक की अध्यक्षता में बैठक हुई। सहकारी समिति के कार्यवाहक सचिव ने गन्ना सुरक्षण का प्रस्ताव बैठक में रखा।
इस दौरान किसानों ने ऊन और तितावी मिल प्रबंधन के खिलाफ किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि इन दोनों मिलों के गन्ना क्रय केंद्र हटाकर दूसरी चीनी मिलों को दिए जाएं, क्योंकि इन दोनों चीनी मिलों का गन्ना भुगतान बहुत खराब है। उक्त बैठक दोपहर 11 से अपराह्न तीन बजे तक चली।
बैठक में तितावी, ऊन, शामली, थानाभवन, खतौली, गागलहेड़ी चीनी मिल के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक के अलावा गन्ना समिति के डायरेक्टरों सहित क्षेत्र के किसानों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे डायरेक्टर
गन्ना समिति शामली की बोर्ड बैठक को लेकर विवाद लगातार गरमाता जा रहा है। डायरेक्टर ब्रिजेश कुमार और पुष्पेंद्र निर्वाल ने बताया कि बोर्ड बैठक में गन्ना समिति चेयरमैन के पति विनोद मलिक हिस्सा लेते हैं, जो नियम विरुद्ध है। इस मामले की शिकायत पूर्व में जिलाधिकारी से भी की गई थी, जिसके बाद मामले की जांच डीसीओ ने गन्ना समिति के सचिव को सौंपी थी।
सचिव ने जांच रिपोर्ट डीसीओ को भेजी, मगर उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। डायरेक्टर पुष्पेंद्र निर्वाल और ब्रिजेश कुमार का कहना है कि उक्त प्रकरण में अधिकारी राजनीतिक दबाव में कार्य कर रहे हैं। लिहाजा इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात कर की जाएगी।
ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक का तबादला
गन्ना समिति शामली के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक रिपुदमन का स्थानांतरण हो गया है। उन्होंने सोमवार को ही दौराला गन्ना समिति में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के रूप में जाकर ज्वाइनिंग कर ली है। उधर, शामली गन्ना समिति के सचिव एके शुक्ला लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। उन्होंने अपना मेडिकल भिजवा दिया है। माना जा रहा है कि डायरेक्टरों और चेयरमैन पति के बीच चल रहे विवाद के चलते अधिकारी भी अपना दामन बचाने में लग गए हैं।