घर छोड़कर आजाद हिंद फौज में हो गए भर्ती
कांधला थाना क्षेत्र के गांव पंजोखरा निवासी पलटू राम घर-परिवार को छोड़कर आजाद हिंद फौज में भर्ती हो गए थे। उनका जन्म 20 जनवरी 1929 में हुआ था। उनके दत्तक पुत्र देवेंद्र कुमार ने बताया कि पलटू राम 13 वर्ष की उम्र में अपने घर परिवार को छोड़कर आजाद हिंद फौज में भर्ती होने के लिए चले गए थे।। कुछ समय बाद वह आजाद हिंद फौज में शामिल हुए। उसके बाद उन्होंने सुभाष चंद्र बोस के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी। एक बार वे अंग्रेजों की पकड़ में आने के बाद लंबे अरसे तक जेल में भी रहे। परिवार के लोगों को अक्सर उनकी चिंता रहती थी। जेल से आने के बाद उन्होंने एक संदेश के माध्यम से बताया था कि वह देश की सेवा में लीन हैं। अपने अंदर देश प्रेम का जज्बा रखते हुए उन्होंने अपना घर नहीं बसाया और सब कुछ देश के लिए न्यौछावर कर दिया। 21 जुलाई 2019 को उनका निधन हो गया।
नेताजी की अगवाई में लड़ी आजादी की लड़ाई
गढ़ीपुख्ता कस्बे के मोहल्ला चौधरान निवासी स्वतंत्रता सेनानी ओमप्रकाश आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे। उनका 91 वर्ष की आयु में नवंबर 2013 में निधन हो गया था। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अगवाई में आजाद हिंद फौज में आजादी की जंग लड़ी थी। उनके एक पुत्र सीओ के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि दूसरे इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों बाहर रहते हैं। गढ़ीपुख्ता में उनका पुराना मकान है।
नौकरानी से शादी की अर्जी को लेकर रहे थे चर्चाओं में
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे ओमप्रकाश अपनी नौकरानी से शादी करने की इच्छा को लेकर चर्चाओं में रहे थे। उन्होंने 16 साल तक सामाजिक व कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन उनका यह इच्छा पूरी हो पाती, इससे पहले ही उनका निधन हो गया था। ओमप्रकाश अपनी नौकरानी गासिया से शादी करना चाहते थे। 1997 में उन्होंने उससे विवाह करने का निर्णय लिया था। उनके इस निर्णय का परिजनों और कुछ रिश्तेदारों ने विरोध किया था। मार्च 2010 में उन्होंने गासिया से विवाह करने के लिए विशेष विवाह अधिकारी के अर्जी भी दी थी। कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/