शामली। अध्यापकों के पढ़ाई के दौरान धमकाने पर कक्षा 9 और 11वीं के छात्रों ने ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान अध्यापकों के नाम की फर्जी आईडी बनाई और इस आईडी से ग्रुप में अश्लील वीडियो और मैसेज भेज दिए। इससे स्कूल प्रशासन में भी खलबली मच गई। शुरुआत में अध्यापकों पर शक किया गया। मामले की जांच साइबर सेल ने की तो आरोपी छात्र ही निकले। हाल ही में इस तरह के दो मामले सामने आने के बाद अब साइबर सेल स्कूलों में जाकर छात्रों को इससे बचने और पढ़ाई की ओर ध्यान देने के लिए जागरूक कर रहा है। संवाद
केस-1
शहर के एक स्कूल के पदाधिकारी ने साइबर सेल से शिकायत करते हुए बताया बच्चों की छुट्टी के दौरान कोर्स का रिवीजन कराने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी। इसमें प्रतिदिन ग्रुप में लिंक भेजकर छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी। आरोप है कि ग्रुप पर किसी अध्यापक के नाम की आईडी से गलत मैसेज और वीडियो भेजे गए। साइबर सैल ने मामले की जांच की तो आरोपी कक्षा 9 वीं का छात्र निकला। परिजनों को बुलाकर छात्र को भविष्य में इस तरह की हरकत नहीं करने की चेतावनी दी गई।
केस-2
क्षेत्र के एक कॉलेज में छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी। इसी दौरान किसी अध्यापक के नाम की आईडी से ग्रुप में अश्लील वीडियो शेयर की गई। जिससे छात्रों और कॉलेज प्रशासन में खलबली मच गई। मामले की शिकायत साइबर सेल के पास पहुंची तो जांच में अश्लील वीडियो भेजने वाला आरोपी कक्षा 11 वीं का छात्र निकला, जिसने पढ़ाई के दौरान अध्यापक के डांटने के कारण वीडियो भेजने की बात कहीं। हालांकि, छात्र के परिजनों को बुलवाकर उसे भविष्य में इस तरह की हरकत नहीं करने की चेतावनी दी गई।
कई मामले सामने आ चुके
साइबर थाना प्रभारी और इंस्पेक्टर संजीव भटनागर ने बताया कि इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान दो छात्रों ने फर्जी आईडी बनाकर अध्यापकों को बदनाम करना चाहा, दोनों को चेतावनी दी गई है।
छात्रों के खिलाफ भी हो सकती है कार्रवाई
एएसपी संतोष कुमार का कहना है कि यदि कोई भी छात्र किसी के नाम की फर्जी आईडी बनाकर अश्लील वीडियो, मैसेज भेजता है तो वह भी दोषी होता है। अध्यापक की शिकायत पर छात्र के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। छात्रों से अपील है कि इस तरह की हरकत करने से बचे।
अब हर माह छात्राें को जागरूक करेगी पुलिस
एएसपी ने बताया कि साइबर ठगी के मामले प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे हैं। पुलिस ने इसके लिए विशेष अभियान चलाकर छात्रों को जागरूक करने का निर्णय लिया है। इसके तहत माह में चार से लेकर छह स्कूलों में छात्रों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया जाएगा। उनके सवालों के जवाब भी दिए जाएंगे। ताकि छात्र साइबर ठगों से बच सके।