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पक्के कलेंडर और पर्चियों का नहीं हुआ प्रकाशन

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शामली। जिले की गन्ना विभाग की आधी अधूरी तैयारियां के मद्देनजर समय पर चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू होना संभव नहीं लग रहा है। नए गन्ना पेराई शुरू होने में अभी सात दिन शेष रह गए हैं। मगर अभी तक शामली गन्ना समिति की उपज बढ़ोतरी का संशोधन का डाटा फीड नहीं हो पाया है। पक्के कलेंडर और गन्ना पर्चियों का अभी तक प्रकाशन नहीं हो पाया है। आखिर समय पर चीनी मिले कैसे चल पाएगी।
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शासन की मंशा के अनुरूप दीपावली -गोवर्धन के त्योहार के बाद चीनी मिलों के नए गन्ना पेराई सत्र शुरू करने की है। जिले की शामली चीनी मिल ने 30 अक्तूबर, थानाभवन चीनी मिल ने 31 अक्तूबर और ऊन चीनी मिल तीन नवंबर तक चलने की तिथि दी गई है। शामली गन्ना सहकारी समिति में 5500 किसानों ने उपज बढ़ोतरी के संशोधन के लिए समिति स्तरीय किसान मेले में प्रार्थनापत्र अफसरों को दिए गए थे। किसानों की आपत्तियों का निस्तारण करते हुए संशोधन का डाटा कंप्यूटर में फीड करना था, मगर गन्ना सहकारी समिति की ओर से अभी तक 4500 किसानों का उपज बढ़ोतरी संशोधन का डाटा फीड हो पाया है। डाटा फीड होने के बाद समिति की ओर से पक्के कलेंडर किसानों को जारी होते हैं।
शामली गन्ना सहकारी समिति के सचिव मुकेश राठी ने बताया कि अगले 24 घंटे में गन्ने की उपज बढ़ोतरी संशोधन डाटा कंप्यूटर में फीड हो जाएगा। दीपावली के बाद 71 हजार 500 किसानों को पक्के कलेंडर का प्रकाशन करने के बाद वितरण किया जाएगा। 12 लाख गन्ना पर्चियों के प्रकाशन के बाद किसानों की वितरण किया जाएगा। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह का कहना कि जिले की चीनी मिलो का पेराई सत्र समय पर शुरू हो जाएगा।
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जिले की चीनी मिलों गन्ने का आंकड़ा
चीनी मिल किया भुगतान अवशेष गन्ना भुगतान करोड़ रुपये में
शामली 263 करोड़ रुपये 86 करोड़ 23 लाख रुपये
ऊन 215 करोड़ रुपये 51 करोड़ 32 लाख रुपये
थानाभवन 314 करोड़ रुपये 133 करोड़ रुपये
कुल किया भुगतान 792 करोड़ 273 करोड़ रुपये
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