संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। बोर्ड परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने इस बार कड़ा रुख अपनाया है। नकल माफिया पर शिकंजा कसते हुए स्पष्ट किया गया है कि यदि संगठित गिरोह की सक्रियता पाई जाती है तो राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी। शासन के इस फैसले से परीक्षा केंद्रों पर सख्ती और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
शासन ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) की शक्तियों में भी बढ़ोतरी की है। अब डीआईओएस को परीक्षा केंद्रों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई और केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के व्यापक अधिकार दिए गए हैं। यदि किसी परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल या बाहरी हस्तक्षेप की शिकायत मिलती है तो तत्काल प्रभाव से केंद्र को निरस्त करने की संस्तुति भी की जा सकेगी।
निर्देशों के अनुसार, यदि जांच में यह सामने आता है कि नकल के पीछे किसी गिरोह की भूमिका है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर धाराओं में मुकदमा कायम किया जाएगा। गंभीर मामलों में एनएसए लगाने की भी तैयारी रहेगी, ताकि भविष्य में ऐसे तत्वों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
जिला विद्यालय निरीक्षक ऐश्वर्या जायसवाल ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर कई बदलाव भी किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी अनिवार्य की गई है, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डबल लॉक व्यवस्था लागू की गई है तथा केंद्रों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है। इसके साथ ही बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है।
शासन के इस सख्त रुख से साफ है कि इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया के लिए कोई राहत नहीं होगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाओं की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।