फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: सरसों की फसल में फैल रहा तना गलन रोग, बचाव जरूरी

Mon, 02 Dec 2024 12:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। वर्तमान में सरसों की फसल में तना गलन रोग लग रहा है, जिसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हर रोज कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों के पास 10 से 12 किसान शिकायत दर्ज करा बचाव के टिप्स ले रहे हैं। शामली जिले में 22 हजार हेक्टेयर में सरसों की खेती की जाती है। किसान कम अवधि वाली सरसों की खेती करना अधिक पसंद करते हैं। शामली के कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी के अनुसार फसल में सबसे अधिक गलन सड़क रोग के पैदा होने की शिकायतें मिल रही है। हर रोज केंद्र पर 10 से लेकर 12 शिकायतें किसान दर्ज करा रहे हैं, जिन्हें बचाव के टिप्स दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि ज्यादा पानी लगाने से तथा पानी का ठहराव ज्यादा समय तक होने से मिट्टी में पैदा होने वाली फफूंद रोगों के फैलने से तना गलन की बीमारी को पैदा करता है। इसलिए खेत में पानी जमा होने ना दें। nतना गलन रोग का ऐसे करें प्रबंधन : डा. संदीप चौधरी के अनुसार सरसों के पौधे में तना गलन रोग ना लगे, इसके लिए सबसे पहले खेत में पानी जमा होने ना दें और जब नमी खत्म हो, तभी हल्की सिंचाई करें। साथ ही, तना गलन की समस्या से निजात पाने के लिए बुवाई के 45 से 50 दिन बाद कार्बेन्डाजिम का 0.1% (1 ग्राम प्रति लीटर) की दर से पहला छिड़काव करें। तना गलन की रोकथाम के लिए दो बार छिड़काव जरूर करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें