शामली। दिल्ली में छात्रों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में जिले में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों दलों के कई पदाधिकारियों को एहतियातन हिरासत में लेकर रातभर थानों में बैठाए रखा। बुधवार सुबह सभी को छोड़ दिया गया।
मंगलवार रात करीब नौ बजे पुलिस गांव पंजीठ स्थित कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखलाक चौधरी के आवास पर पहुंची। पुलिस ने अखलाक चौधरी के साथ शमशीर खान, मुस्तकीम मल्लाह, सलमान राणा और इब्राहिम सिद्दीकी को हिरासत में लेकर कैराना कोतवाली पहुंचाया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अखलाक चौधरी ने आरोप लगाया कि सभी को पूरी रात थाने में बैठाए रखा। उन्होंने कहा कि सरकार को पेपर लीक प्रकरण और छात्रों की समस्याओं पर जवाब देना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। शामली शहर में गुरुद्वारे के पास चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ताना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंची थाना आदर्श मंडी पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
पुलिस ने सपा के कलीम हसन, शमशेर जंग, अश्वनी गुर्जर, संदीप चौधरी, अफसरुन मुखिया और सावेज सहित अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया और कुछ समय बाद सभी को छोड़ दिया गया।
चौसाना में मंगलवार रात पुलिस ने सपा कार्यकर्ता इमरान राणा, जमीर चौहान, अश्वनी शर्मा और अमन शर्मा को उनके आवासों पर ही रोक दिया। कार्यकर्ताओें ने इसे हाउस अरेस्ट बताते हुए विरोध जताया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई थी। सभी लोगों को बाद में छोड़ दिया गया।
नरेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक
कैराना कोतवाली में बैठे कांग्रेस पदाधिकारी-संवाद