शामली में कांधला के पलायन प्रकरण को लेकर नेताओं का कांधला पहुंचना जारी है। रविवार को सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने मोहल्लों में भ्रमण किया और व्यापारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि कस्बा अमन चैन का प्रतीक रहा है। व्यापारियों को सुरक्षित और अच्छा माहौल मुहैया कराया जाएगा। ताकि रोजगार के लिए भी लोग कस्बे से बाहर न जा सकें।
भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कांधला से 63 परिवारों के पलायन करने की सूची जारी की थी। इसके बाद मामले को लेकर सियासत गरमा गई। पिछले पांच दिनों में अलग-अलग पार्टियों के नेता इस प्रकरण की निंदा कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, रविवार को सपा एमएलसी चौधरी वीरेंद्र सिंह पैदल ही कांधला के विभिन्न मोहल्लों में घूमे।
रंगदारी की धमकी से पीड़ित लोहा व्यापारी सतेंद्र कुमार जैन से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कस्बा कांधला अमन चैन का प्रतीक रहा है और लोग आपसी सद्भाव से रहते हैं। सतेंद्र जैन ने कहा था कि रंगदारी की धमकी मिलने के कारण उनके परिवार के पांच सदस्य पलायन कर चुके हैं और वह भी यहां से जाने की तैयारी में हैं।
सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने उनसे कहा कि आपको यहां से जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि प्रदेश सरकार व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है। उधर, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने भी समर्थकों के साथ कांधला पहुंचकर व्यापारियों तथा अन्य लोगों से मुलाकात की। पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि व्यापारी वर्ग के साथ आमजन की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधिकारियों से मिला जाएगा।
मेरी भी हत्या हो सकती है : हरेंद्र
कैराना रोड स्थित पीसीसी सदस्य पवन कंसल के प्रतिष्ठान पर पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि कुछ लोग राजनैतिक लाभ के कारण समाज में सांप्रदायिकता का जहर घोलने की कोशिश कर रहे हैं। 2013 के सांप्रदायिक उन्माद का जख्म अभी तक भरा भी नहीं था, कि कैराना और कांधला में पलायन के प्रकरण को सांप्रदायिकता से जोड़कर दोनो समुदायों के बीच गहरी खाई बनाने का कार्य किया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
कहा कि पुलिस का कार्य अपराध व बदमाशों पर अंकुश लगाना है। लेकिन पुलिस अपराधियों से ही धन इकट्ठा कराने में लगी है। उन्होंने कहा कि कैराना और कांधला में रेत खनन, अवैध कब्जों, अवैध पशु कटान, मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले लोगों को राजनैतिक संरक्षण प्राप्त है, जिससे अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
पूर्व सांसद ने कहा कि कैराना में पूर्व में हुए 23 हत्याकांड ऐसे हैं, जिनमें अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। जन समर्थन न हो तो हमारी भी हत्या हो सकती है। उन्होंने दोनों कस्बे लोगों से अपील की है कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें। अपराध छिपाया न जाए और पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के लिए बाध्य किया जाए। इस दौरान पवन कंसल, सुल्तान सिंह, ओमवीर सिंह, डॉक्टर रश्मिकांत जैन आदि मौजूद रहे।