शामली। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले। बैंक खुलते ही लोगों लंबी-लंबी लाइनें में लग गईं। घंटों तक लाइन में लगने के बाद भी कुछ लोगों को नोट मिल सके तो कुछ लोग व्यवस्था को कोसते हुए वापस लौट गए। एटीएम के बाहर भी यही हाल रहा, हालांकि अधिकतर एटीएम बंद रहे।
नोटबंदी के बाद से लोग परेशान हैं। पांच सौ और हजार के नोट लेकर लोग घूम रहे हैं, लेकिन उनको कही भी सामान नहीं मिल रहा है। सरकार के आदेश पर इनको बैंक में जमा किया जा रहा है और दोबारा खातों से रुपये निकलवाए जा रहे हैं। पिछले करीब बीस दिन से लोग परेशान हैं।
सोमवार को दो दिन बाद बैंक खुले तो लोग रुपये लेने के लिए और जमा करने के लिए बैंकों के बाहर लाइन लग गई। एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, पंजाब नेशनल बैंक के बाहर लाइनों में लोग लगे रहे, लेकिन हर किसी को नोट नहीं मिल सके। जिस कारण लोगों को मायूस लौटना पड़ा। उधर, नगर की एटीएम मशीनों का हाल बुरा रहा। ज्यादातर मशीनें खराब पड़ रही, जिस कारण लोगों ने बैंकिंग व्यवस्था को जमकर कोसा।
कैश के लिए किया रोड जाम
कैराना। दो दिन छुट्टी के बाद सोमवार को खुले बैंकों के बाहर रुपये जमा कराने व निकालने वाले ग्राहकों की लाइन लगी रही। शामली रोड पर कुछ बैंक ग्राहकों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों द्वारा समय पर रुपया नहीं दिया जा रहा है। इसके विरोध में लोगों ने जाम लगा दिया और नारेबाजी की।
नोटबंदी के बाद बैंकों में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। शनिवार और रविवार का अवकाश होने के कारण सोमवार को बैंकों पर भारी भीड़ जमा रही। कस्बे के शामली रोड पर स्थित पीएनबी बैंक शाखा कैराना पर दोपहर के समय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। बैंक के आगे खड़े लोगों का कहना था कि पुलिस अपने जानने पहचानने वाले लोगों को बैंक के अंदर भेज देती है। लाइन में खड़े लोगों का नंबर कट जाता है और उनको बैंक के अधिकारी कुछ न कुछ बहाना बनाकर कैश नहीं दे रहे हैं।
जिसको लेकर वहां खड़े लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों ने रोड को जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच सूचना मिलने पर पहुंची कोतवाली कैराना पुलिस के साथ साथ सीओ कैराना भूषण वर्मा ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया।