शामली। भारतीय विद्यार्थी संगम द्वारा स्वामी विशुद्धानंद जी महाराज की स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के व्यास अरविंद दृष्टा जी महाराज ने कहा ने कहा कि भौतिक शिक्षा प्रगति का पथ नहीं है, बल्कि समाज को आध्यात्मिक शिक्षा और अच्छे संस्कार की की जरूरत है।
सोमवार को श्री हनुमान धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा करते हुए कथा व्यास अरविंद दृष्टा जी महाराज ने कहा कि हमें शरीर को संसार की सेवा तथा मन परमात्मा में लगाना होगा। परमात्मा में मन लगाने के लिए मनुष्य को महान पुरुषों की शरण में जाना होगा। महान पुरुष लोक धर्म का निर्वाह करते हुए परम धर्म का पालन करना सिखाते हैं।
महाराज श्री ने कहा कि भागवत कथा हमें दिशा प्रदान करती है। भगवत से हमें भगवान मिलते हैं, जब भागवत से राजा परीक्षित को परमात्मा मिल सकते हैं। आज की कथा का शुभारंभ शुक्रताल से पधारे श्री केशवानंद जी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने धर्म के मार्ग पर चलते हुए परमात्मा को प्राप्त करने का संदेश दिया।
कथा में डाक्टर राजीव बंसल, दिव्यप्रभाकर, सुधीर सिंघल, राजकुमार बालियान, अनिल संगल, अजय गर्ग, सुनील अरोरा, मनोज कुमार, विनोद मित्तल, विकास कौशिक राजकुमार तायल, घनश्याम तायल, विनोद वर्मा, मनोज सैनी राजेंद्र कुमार, आनद महाराज शुक्रताल, कंवरसेन, यशपाल पंवार, वीरेंद्र मित्तल, मनोज मित्तल मौजूद रहे।