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Shamli News: जिले में बढ़ रहे सर्पदंश के मामले, अस्पताल पहुंचने पर बच रही जान

Mon, 24 Aug 2026 12:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। बारिश के मौसम में सर्पदंश के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। औसतन हर रोज सर्पदंश दो पीड़ित जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। समय से उपचार मिलने से सर्पदंश पीड़ितों की जान बची है। सर्पदंश के खतरे से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है। जुलाई और अगस्त के महीने में सर्पदंश के केस ज्यादा पहुंचे हैं। जुलाई में 27 और अगस्त में 30 सर्पदंश पीड़ित मरीज पहुंचे हैं। जून माह में 17 मामले जिला अस्पताल पहुंचे थे। इस वर्ष में जनवरी से अब तक लगभग 97 मामले सर्पदंश के जिला अस्पताल पहुंचे हैं। समय पर उपचार मिलने से सभी मरीजों की जान बची है।
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बचाव
बरसात के मौसम में बाहर निकलते समय जूते, मोटे कपड़े का पैंट आदि पहनें।
सांप दिखने पर पास न जाए और न ही उसे मारने की कोशिश करें, उसे बचकर जाने दें।
हलचल एवं कंपन आदि से सांप स्वयं ही दूर भागते हैं।
सर्पदंश पर घबराएं नहीं, आराम से लेट जाए और कपड़े ढीले करें
घाव के साथ छेड़छाड़ न करें। दौड़ने-भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है।
सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को मदिरा, नशे की कोई चीज और कैफीनयुक्त पेय न दें।
लक्षण
सांप के जहर के असर से व्यक्ति के काटे वाले भाग के पूरे अंग में तेज दर्द होना, कम रक्तचाप, कमजोर नाड़ी, धड़कन बढ़ना, उल्टी, दस्त, खांसी, सांस लेने में दिक्कत होना, देखने में परेशानी होना, हाथ-पैर ठंडा होना, सुन्न पड़ना, पसीना आना आदि।
इस वर्ष सर्पदंश के मामलों की स्थिति
माह - मामले की संख्या
जनवरी - 01
फरवरी - 02
मार्च - 08
अप्रैल - 07
मई - 05
जून - 17
जुलाई - 27
अगस्त - 30 (अब तक)
समय पर उपचार न मिलने से तीन की गई जान
शामली। सात अगस्त की रात को गांव जगनपुर निवासी किसान रविंद्र की सर्पदंश से मौत हुई। परिजन रातभर झाड़-फूंक में लगे रहे। सुबह जब जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। तीन दिन पहले बृहस्पतिवार रात को थानाभवन में जावेद व उसके तीन वर्षीय पुत्र शावेज को सांप ने डस लिया। जावेद को रात में ही अस्पताल में उपचार मिलने पर जान बच गई। शावेज को रात में सर्पदंश का पता नहीं चला। सुबह जब उसे अस्पताल ले गए तब तक देर हो चुकी थी। समय पर उपचार न मिलने से बच्चे की मौत हो गई। पिछले महीने मामा के यहां कांधला के गंगेरू निवासी 12 वर्षीय बालक की समय पर उपचार न मिलने से मौत हुई थी।
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इस तरह से आ रहे केस
- जिला अस्पताल में 19 अगस्त को सर्पदंश पीड़ित नया गांव निवासी रीना, गोहरनी निवासी चक्रात और भिक्का माजरा निवासी अनिकेत को लेकर परिजन पहुंचे। समय पर एंटीस्नेक वेनम मिलने से तीनों की जान बच गई।
- 17 अगस्त को सर्पदंश पीड़ित गांव मुंडभर निवासी रोहित व मालेंडी निवासी प्रदीप को जिला अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने एंटीस्नेक वेनम देकर उपचार दिया। समय पर उपचार मिलने से दोनों की जान बची।
सर्पदंश के बाद पीड़ित को झाड़-फूंक में समय नहीं गंवाना चाहिए। जितना जल्दी हो, उतनी जल्दी पीड़ित को अस्पताल लेकर पहुंचना चाहिए। अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम निशुल्क उपलब्ध है। सर्पदंश के बचाव के लिए सतर्कता व जागरूकता जरूरी है।
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- डॉ. मनोज कुमार अखौरी, सीएमएस जिला अस्पताल
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