जलालाबाद। भीषण गर्मी के बीच स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बन गए हैं। मामूली बकाया होने पर भी बिना किसी सूचना के बिजली कटने से लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है।
उपभोक्ता विकास ने बताया कि बिजली एक हफ्ते में दो बार सिर्फ इसलिए काट दी गई क्योंकि एक बार उनका बकाया 60 रुपये और दूसरी बार मात्र 22 रुपये था। पीड़ित उपभोक्ता का आरोप है कि उनकी लिखित या मौखिक अनुमति के बिना, उनकी अनुपस्थिति में स्मार्ट मीटर लगा दिया गया।
बार-बार बिजली कटने से मानसिक रूप से परेशान होकर अब उन्होंने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर करने की तैयारी की है।
इस मामले में अवर अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं का बैलेंस ‘’माइनस’’ में होता है, उनकी सप्लाई सिस्टम द्वारा ऑनलाइन काट दी जाती है। उन्होंने उपभोक्ताओं को ‘’स्मार्ट एप’’ डाउनलोड करने की सलाह दी है ताकि वे अपने बैलेंस और सप्लाई की जानकारी खुद रख सकें।