जहानपुरा गांव में पसरा सन्नाटा
कैराना (शामली)। कुख्यात अपराधी मुकीम काला की चित्रकुट में गैंगवार में हत्या की खबर मिलने के बाद उसके गांव जहानपुरा में सन्नाटा पसरा है। मुकीम काला का घर कई साल पहले खंडहर में तब्दील हो गया था। उस घर में वहां अब कोई नहीं रहता।
शुक्रवार को चित्रकूट की जेल में गैंगवार में मुकीम काला की हत्या की खबर मिलते ही उसके गांव जहानपुरा में सन्नाटा पसर गया। कुछ ग्रामीण आपस में मुकीम के मारे जाने की चर्चा तो करते रहे, लेकिन उसके बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ। मुकीम काला का घर खंडहर बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि कई साल से मुकीम का परिवार गांव में नहीं रहता।
मुकीम की मां और दो भाई भी गांव में नहीं रहते
कैराना। जहानपुरा निवासी कुख्यात मुकीम काला का पिता मुस्तकीम मजदूरी करता था। मुस्तकीम के चार बेटे थे, जिसमें सबसे बड़ा मुकीम काला जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया था। उससे छोटा बेटा वसीम भी अपने भाई के खौफ के नाम से अपराध करने लगा था। 28 सितंबर 2017 को मेरठ एसटीएफ ने कंकरखेड़ा में मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी वसीम को मार गिराया था।
मुकीम का पिता मुस्तकीम भी कई बार रंगदारी और अवैध हथियारों के आरोप में जेल जा चुका है। करीब तीन माह पहले मुस्तकीम अपनी जमानत तुड़वाकर वापस सहारनपुर जेल चला गया। मुकीम की मां मीना और दो छोटे भाई 20 वर्षीय आजम और 14 वर्षीय बिलाल का कोई पता नहीं है। मुकीम के दोनों चाचा भी गांव छोड़कर कहीं और चले गए हैं।