शामली। दिल्ली की अपराध शाखा ने 20 दिन पहले सीज की गई नकली दवा बनाने वाली फैक्टरी जिला औषधि प्रशासन को कार्रवाई के लिए हस्तांतरित कर दी है। औषधि विभाग ने मौके से मिले पावडर के चार नमूने लिए हैं।
दिल्ली की अपराध शाखा की टीम ने सात मार्च को नकली दवा बनाने और बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए दस लोगों को गिरफ्तार कर दावा किया था। साथ ही करोड़ों रुपये की नकली दवा भी बरामद हुई हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया था कि नकली दवा हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में बनाई जा रही हैं। इस फैक्टरी का संचालन सुरेंद्र मलिक निवासी पंचकुला हरियाणा कर रहा था। नकली दवा की आपूर्ति दिल्ली एनसीआर के जिलों में की जाती थी। टीम सुंदरनगर में पहुंची तो वहां पता चला फैक्टरी शामली में कैराना मार्ग स्थित इंडस्ट्रीयल एरिया में शिफ्ट कर दी गई। इस पर टीम ने शामली पहुंचकर फैक्टरी में छापा मारा। यहां पर फैक्टरी बंद मिली, जिसमें मशीनें, पार्ट्स और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाला पाउडर व अन्य कच्चा माल बरामद हुआ था।
अपराध शाखा की टीम ने फैक्टरी को सीज करके न्यायालय से सीज फैक्टरी को जिला औषधि प्रशासन को कार्रवाई के लिए हस्तांतरित करने की अनुमति ली। बृहस्पतिवार को अपराध शाखा दिल्ली के एसआई राजाराम अपनी टीम के साथ शामली जिले की औषधि निरीक्षक निधि पांडे को लेकर इंडस्ट्रीयल एरिया में ऐरटी मार्ग स्थित सीज फैक्टरी में पहुंचे। टीम ने औषधि निरीक्षक को फैक्टरी में मौजूद मशीनें, पार्ट्स और नकली दवा बनाने में इस्तेमाल पाउडर समेत सभी सामान कार्रवाई के लिए हस्तांतरित कर दिया। औषधि विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर मिले पाउडर के चार नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
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पिछले महीने किराये पर लिया था फैक्टरी का भवन
दिल्ली अपराध शाखा के एसआई राजाराम ने बताया कि जिस भवन में फैक्टरी चलाने की योजना थी, उसकी मालिक राधा निवासी कंडेला है। पिछले महीने फरवरी में ही सुरेंद्र मलिक ने इसे साढ़े 28 हजार रुपये प्रति माह किराये पर लिया था। इसका अनुबंध सुरेंद्र ने अपने नौकर सुमित निवासी गांव डरोली चंदौसी जिला मुरादाबाद के नाम से किया था।
कोट्स...
जिला औषधि निरीक्षक निधि पांडे ने बताया कि दिल्ली अपराध शाखा की टीम ने फैक्टरी को पहले सीज किया था। औषधि विभाग को कार्रवाई के लिए फैक्टरी हस्तांतरित की गई है। फैक्टरी चलती हुई नहीं मिली और न ही यहां से कोई दवा बरामद हुई है। मौके पर मिले पाउडर की पैकिंग पर कोई नाम नहीं लिखा है। इस पाउडर के चार नमूने लिए गए हैं। औषधि विभाग की कार्रवाई पूरी होने के बाद अपराध शाखा की टीम ही फैक्टरी को सीज करेगी।