शामली। नोटबंदी के 74 दिन बाद भी शहर के एटीएम की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। आज भी ज्यादातर बैंकों के एटीएम में छुट्टी के दिन कैश नहीं मिल रहा है। जिसके कारण नौकरी-पेशा लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरबीआई ने एटीएम में निकासी की सीमा में तो बढ़ोतरी कर दी है, लेेकिन एटीएम में कैश सीमित ही डाला जा रहा है।
केंद्र सरकार ने नोटबंदी के 50 दिन बाद बैंकों, एटीएम में कैश की किल्लत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। अभी भी छुट्टी के दिनों में शहर के ज्यादातर एटीएम बंद ही रहते हैं। बेशक आरबीआई ने एटीएम में कैश निकासी की सीमा 4500 से बढ़ाकर 10 हजार कर दी है, लेकिन कैश की किल्लत से जूझ रहे बैंक एटीएम में नाम मात्र के लिए ही पैसा डाल रहे हैं, जो कुछ ही देर में खत्म हो जाता है।
रविवार को भी शहर के ज्यादातर एटीएम बंद ही रहे। इंडियन बैंक के एटीएम में कैश डाला गया, जो एक घंटे से पहलेे ही समाप्त हो गया। एसबीआई, ओरियंटल, इंडियन ओवरसीज, बैंक ऑफ बड़ौदा बंद ही पडे़ रहे। जबकि कार्पोरेशन, एक्सिस, पीएनबी के एटीएम खुले रहे लेकिन उनमें कैश न होने पर लोग
बैलेंस चैक करते ही मिले। जिसके बाद ग्राहक शहर के चक्कर काटते रहे पर उन्हें कहीं कैश नहीं मिल सका। अभी ज्यादातर बैंक छुट्टी के दिन एटीएम में कैश डालना ही नहीं चाहते। जिससे लोगों को अभी भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।