भूमि अधिग्रहण को लेकर दुकानदार आशंकित
झिंझाना: मेरठ-करनाल नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण में भूमि अधिग्रहण को लेकर दुकानदार आशंकित हैं। उनका कहना है कि पहले 48 फुट पर निशान लगाए गए थे। इसके बाद में 57 फुट पर कर दिए गए। उन्होंने मुुआवजा राशि को भी कम बताया है।
सोमवार को हाईवे की भूमि का अधिग्रहण करने पहुंची टीम के सामने चिह्नीकरण को लेकर दुकानदारों ने विरोध कर दिया था। अलग-अलग पैमाइश को लेकर दुकानदार परेशान हैं। पहले 48 फुट और अब 57 फुट भूमि का चिह्नांकन करने की बात कहते हुए दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया है। दुकानदार प्रदीप का कहना है उन्होंने करीब 20 साल पहले स्टांप शुल्क देकर बस्ती के अंदर गाड़ीवाला चौराहे पर दुकानें खरीदी थी। राजस्व विभाग बंजर बताकर उस जमीन को अपनी बता रहा है। प्रशासन मात्र कुछ दुकानों पर ही 1500 रुपये मीटर के हिसाब से मुआवजा देगा। तेजपाल का कहना है कि करीब 30 वर्ष पहले पत्नी का नसबंदी कराने में उन्हें जमीन मिली थी। इस जमीन पर उन्होंने मकान व दुकान बना ली। हाईवे के साइट इंजीनियर अवनीश पाराशर कहते हैं कि हाईवे में अधिग्रहण की जाने वाली भूमि की पैमाइश अलग-अलग होती है। मुआवजा मिलने को लेकर भी कई दुकानदार आशंकित हैं। दो दिन में निर्माण हटाने की चेतावनी के चलते कुछ दुकानदारों ने अपने स्थायी निर्माण तोड़ने शुरू कर दिए हैं।