आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव बधेव में खानाबदोश (सिगलीगर) समाज के वृद्ध की मौत हो गई। परिजन व समाज के लोग श्मशान में शव दफनाने पहुंचे तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और कहा कि श्मशान में शव का चिता पर अंतिम संस्कार किया जा सकता है, जबकि सिगलीगर समाज के लोगों का कहना था कि उनके यहां शव की समाधि दी जाती है। शाम को पुलिस हस्तक्षेप के बाद ग्राम पंचायत की तरफ से एक बीघा जमीन देने का प्रस्ताव किया गया। इसके बाद ग्राम पंचायत की जमीन पर शव दफनाया गया।
गांव बधेव में पिछले कुछ समय से सिगलीगर समाज के लगभग एक दर्जन परिवार के 50-60 सदस्य रहते हैं। शनिवार रात समाज के वृद्ध सोमपाल (60) का निधन हो गया। परिजनों के मुताबिक वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। वृद्ध के निधन की खबर मिलने पर समाज के लोग और रिश्तेदार गांव में पहुंचे। दोपहर में समाज के लोग और परिजन शव को लेकर गांव के श्मशान में पहुंचे। जब वे शव दफनाने के लिए गड्ढ़ा खोद रहे थे तो कुछ ग्रामीण पहुंच गए और उन्होंने शव दफनाने का विरोध करते हुए उन्हें गड्ढ़ा खोदने से रोक दिया। इस बात की जानकारी मिलने पर अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों और सिगलीगर समाज के लोगों के बीच हंगामे की स्थिति बनी रही। सिगलीगर समाज के लोगों का कहना था कि उनके समाज में शव की समाधि दी जाती है। जबकि ग्रामीण इस बात पर अड़ गए कि गांव के श्मशान में शव को जलाया जाता है। इसके लिए ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार के लिए उन्हें लकड़ी व अन्य सामग्री देने की भी बात कही। कई घंटे तक भी समाधान न होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। आदर्श मंडी थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि शाम को ग्राम पंचायत सदस्यों की समिति ने सिगलीगर समाज को एक बीघा ग्राम पंचायत की भूमि का प्रस्ताव कर दिया ताकि आगे इस तरह की समस्या न आए। इसके बाद ग्राम पंचायत की भूमि पर शाम को शव को दफनाया जा सका।