पीएमश्री विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा सोफिया व सीजा को गर्मी के कारण चक्कर आने लगे और वे गिर गईं। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार दिलाया गया। अभिभावकों ने स्कूल का समय बदलने की मांग की है।
भीषण गर्मी और उमस अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए परेशानी का कारण बनने लगी है। मंगलवार को जलालाबाद स्थित पीएमश्री विद्यालय नंबर-1 में गर्मी के कारण कक्षा पांच की दो छात्राएं कक्षा में ही अचानक बेहोश हो गईं। घटना के बाद विद्यालय में अफरातफरी का माहौल बन गया। शिक्षकों ने बच्चों को दवाई देकर घर भेज दिया।
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मंगलवार को पीएमश्री विद्यालय नंबर-1 में कक्षाएं चल रही थीं। इसी दौरान अधिक गर्मी के कारण अचानक दोपहर करीब 1:30 बजे कक्षा पांच की छात्राएं सोफिया और सीजा चक्कर खाकर कक्षा में ही गिर गईं। आनन-फानन अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रधानाध्यापिका ममता ने बताया कि स्कूल में करीब 400 बच्चे हैं और कमरे आठ हैं। एक-एक कमरे में 40 से 50 बच्चे बैठाए जा रहे हैं। अधिक बच्चे होने के कारण कमरों में उमस बढ़ जाती है। इसमें एक छात्रा को उल्टी की शिकायत भी हुई थी। इसके बाद छात्राओं को पानी व दवा देकर राहत दिलाई गई और घर भेज दिया गया। वहीं पिछले सप्ताह भी कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ीश्याम स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक बच्चा बेहोश हो गया था। उस समय शिक्षिका बच्चे को कार्यालय की कुर्सी पर बैठाकर हवा करती नजर आई थीं।
समय बदलवाने की मांग की थी
शिक्षक संगठनों और अभिभावकों की ओर से लगातार विद्यालयों का समय बदलने की मांग की जा रही है। भारतीय किसान यूनियन शिक्षक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र कुमार, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ महिला संवर्ग की जिलाध्यक्ष रश्मि वर्मा और उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष पूनम तोमर ने जिलाधिकारी, बीएसए और मंडलायुक्त को ज्ञापन देकर विद्यालयों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक करने की मांग की थी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह आठ बजे से बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है, ताकि बच्चों और शिक्षकों को गर्मी से राहत मिल सके।
अभिभावक बोले, समय बदलना चाहिए
विद्यालयों में सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक कक्षाएं संचालित हो रही हैं। अभिभावक जलालाबाद निवासी सतबीर और मनोज कुमार का कहना है कि दोपहर के समय गर्मी अपने चरम पर होती है। ऐसे में छोटे बच्चों का लंबे समय तक स्कूल में रहना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
इन्होंने कहा
पिछले दिनों बारिश के कारण मौसम में कुछ राहत थी, लेकिन पिछले तीन दिनों से गर्मी बढ़ी है। यदि स्थिति ऐसी ही रही तो जिलाधिकारी के सामने विद्यालयों के समय में कमी करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। - संतोष कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी