सरवर ने भी बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी और ग्रामीणों की मदद से दोनों युवकों को बाहर निकाला। मौके पर पहुंचे परिजन दोनों को तुरंत बिडौली के एक निजी डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन हालत गंभीर देख उन्हें शामली रेफर कर दिया गया।
रास्ते में गांव केरटू में एक अन्य चिकित्सक को दिखाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शवों को गांव वापस लाया गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम फैल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सूचना मिलने पर एसडीएम ऊन संदीप त्रिपाठी और पुलिस की टीम भी गांव पहुंची और घटना की जानकारी ली। प्रशासन ने पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी, लेकिन शोकाकुल परिजनों ने इससे साफ इनकार कर दिया।