तीनों युवकों को यमुना नदी में डूबता देख अन्य दोस्तों ने शोर मचा दिया। जिसके बाद गोताखोरों की मदद से सोनू व मोंटी को यमुना नदी सकुशल बाहर निकाला गया। वहीं निशांत के गहरे पानी में डूबने के कारण उसका कुछ पता नहीं चल सका। देर रात गोताखोरों की टीम ने निशांत के शव को यमुना नदी से बाहर निकाला गया।
बताया गया है कि मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था तथा गांव में ही बाइक रिपेयरिंग का काम करता था। वहीं युवक की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह कसाना ने बताया कि पंचनामा भरकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।