तीन घंटे बाद बच्चे के सर्पदंश का पता चला
शुक्रवार सुबह करीब सात बजे परिजन शावेज को अर्द्धबेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जांच में सर्पदंश की जानकारी सामने आई। चिकित्सक ने परिजनों से बच्चे को इतनी देर से लाने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि उन्हें पहले पता ही नहीं चला कि सांप ने बच्चे को भी डसा है।
प्राथमिक उपचार के बाद शावेज की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शावेज तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था।
डॉक्टर बोले- सर्पदंश में तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
डॉ. विक्रम ने बताया कि जावेद को रात में अस्पताल लाया गया था और समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से उनकी जान बच गई। वहीं, शावेज को सुबह गंभीर हालत में लाया गया। उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
चिकित्सक ने लोगों से सर्पदंश की स्थिति में बिना समय गंवाए पीड़ित को अस्पताल ले जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि झाड़फूंक में समय नहीं गंवाना चाहिए। अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में निशुल्क उपलब्ध है।
बुजुर्ग महिला समेत दो और सर्पदंश पीड़ित पहुंचे अस्पताल
शामली जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार रात सर्पदंश के दो और मामले पहुंचे। शहर के काकानगर निवासी 70 वर्षीय शकुंतला रात करीब 10 बजे घर के परिसर में टहल रही थीं। इसी दौरान सांप ने उनके पैर में डस लिया। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने एंटी स्नेक वेनम देकर उपचार किया। हालत में सुधार होने पर शुक्रवार सुबह उन्हें छुट्टी दे दी गई।
वहीं, हरियाणा के सोनीपत जिले के राई औरंगाबाद निवासी 30 वर्षीय अंकित को भी सांप ने डस लिया था। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने एंटी स्नेक वेनम देकर उपचार किया। उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ।