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बजट में अधूरी रह गई शामली की उम्मीद

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बजट में अधूरी रह गई शामली की उम्मीद
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शामली। प्रदेश सरकार ने अपने चौथे बजट में मेरठ और सहारनपुर को तो तोहफे दिए हैं लेकिन शामली की झोली फिलहाल खाली है। गन्ना किसानों के भुगतान से लेकर जिला अस्पताल का निर्माण, अधूरी विकास योजनाओं के लिए बजट की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। इससे जिले कि किसान, उद्यमी, व्यापारी और विपक्षी नेता आहत हैं।
सरकार ने बजट में नवसृजित जिले में 100 बेड के अस्पताल के लिए 30 करोड़ तो दिया है, लेकिन अभी तक यहां स्टाफ की तैनाती और उपकरण आदि का बजट नहीं मिला है। सरकार ने बजट में नवसृजित जिलों में 100 बेड के अस्पताल का तो जिक्र किया है, लेकिन स्टाफ आदि की तैनाती और उपकरण संबंधी कोई बजट प्रावधान नहीं है। पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण को 650 करोड़ और आवासीय भवनों के लिए 600 करोड़ की धनराशि दी गई है नवसृजित जनपदों के लिए 300 करोड़ का प्रावधान है। जिले में भी अभी तक ये भवन नहीं हैं। शामली जनपद में अग्शिमन केंद्र का अपना खुद का दफ्तर नहीं है। शामली कोतवाली परिसर में ही ये चल रहा है। बजट में सरकार ने अग्निशमन केंद्रों के भी आवासीय और अनावासीय भवनों के लिए 300 करोड़ दिए गए हैं। इसके अलावा अग्निशमन सेवाओं के सदृढीकरण को 10 करोड़ मिले हैं, लेकिन इसमें से शामली के हिस्से में कुछ आएगा या नहीं स्पष्ट नहीं हुआ है।
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शामली को भी मिलेगा गंगा एक्सप्रेस का लाभ : सुरेश राणा
शामली। प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने बजट को एतिहासिक बताया। कहा कि बजट में वेस्ट यूपी को गंगा एक्सप्रेस वे की सौगात मिली है। मेरठ के गढ़ से प्रयागराज तक बनने वाला गंगा एक्सप्रेस वे से वेस्ट यूपी के लोग लाभान्वित होंगे। करनाल से वाया मेरठ तक पहले ही फोर लेन प्रस्तावित है जो जल्द हो जाएगा। ऐसे में ये हाईवे मेरठ में सीधे गंगा एकसप्रेस वे से जुडे़गा इसका लाभ शामली को भी होगा। हालांकि अभी बजट का मदवार विवरण नहीं आया है, लेकिन पुलिस सुधार कार्यक्रम, जर्जर निर्माण, कलक्ट्रेट निर्माण, जिला न्यायालय के लिए भवन आदि की व्यवस्था भी इसमें प्रस्तावित है। वेस्ट यूपी में हवाई और जमीन से लेकर सड़क मार्ग सब पर एतिहासिक काम होगा। जिले के पर्यटन स्थलों के सुंदरीकरण कर बेहतर बनाया जाएगा। कुल मिलाकर गांव गरीब किसान, महिलाओं के सम्मान, गरीब के रोजगार का बजट है।
व्यापारियों को कुछ नहीं मिला
व्यापारी नेता घनश्याम दास ने कहा कि व्यापारी सरकार को टैक्स देता है, लेकिन उसके लिए बजट में कुछ नहीं है। व्यापारियों को डेढ़ गुना अधिक दर पर बिजली मिलती है। किसान बीमा की तरह व्यापारी की दुकान का भी आग लगने या नुकसान पर बीमा सुविधा होनी चाहिए थी। 60 साल से ऊपर के व्यापारियों के लिए पेंशन योजना की मांग भी सरकार ने पूरी नहीं की।
युवाओं के 150 करोड़, मंदिर को 200 करोड़
सपा के प्रवक्ता सुधीर पंवार ने कहा कि सरकार ने बजट में पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए 150 करोड़ का प्रावधान किया है, जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ का बजट दिया है। किसानों के लिए भी कोई नया बजट नही है। गन्ना किसानों को उम्मीद थी की सरकार गन्ना भुगतान के लिए किसी पैकेज की घोषणा करेगी।
उद्योगों के बारे में भी सोचे सरकार
उद्यमी अनुज गर्ग का कहना है कि सरकार ने बजट में उद्योगों को कुछ खास नहीं दिया है। लघु उद्योगों को विकसित करने या बंद इकाइयों को फिर से चालू कराने के लिए सस्ते दर पर लोन या सब्सिडी आदि का कोई पैकेज दिया जाना चाहिए था। सरकार को टैक्स देने वाले उद्यमियों के बारे में कुछ सोचना चाहिए।
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किसानों को कुछ नहीं मिला
किसान नेता अनिल का कहना है कि बजट में सरकार ने किसानों को कुछ नहीं दिया। गन्ना भुगतान के लिए कोई पैकेज नहीं है। सिंचाई के लिए बिजली फ्री करने की उम्मीद भी अधूरी है। बोरिंग के 50 करोड़ दिए हैं वो भी केवल 18 जिलों में। किसानों को पेंशन का लाभ मिलेगा लेकिन से किसे मिलेगा अभी स्पष्ट नहीं है।
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