डॉ. दीपक कुमार रविवार को परिवार के साथ पैतृक गांव बुढ़ाना क्षेत्र के गांव टांडा माजरा में दीपावली पर देवता पूजन के लिए गए थे। मंगलवार सुबह वे गांव से शामली लौटे थे। बुधवार को वे सीएचसी परिसर में स्थित कैंप कार्यालय पहुंचे। मेन गेट का ताला लगा हुआ था, लेकिन अंदर अलमारी टूटी हुई मिली।
अलमारी में लॉकर की चाबी रखी थी। लॉकर को खोलकर उसमें रखे साढ़े पांच लाख रुपये चोरी कर लिए। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। चिकित्सक की तरफ से शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
डॉ. दीपक कुमार अस्पताल के स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस उल्टा उन पर ही दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनके कैंप कार्यालय पर चोरी की घटना हुई है, उससे उन्हें व उनके परिवार को खतरा है।
ये लगाए आरोप
डॉ. दीपक कुमार उनका कहना है कि कार्यालय और आवास के पास असामाजिक तत्वों का रात को दो बजे तक जमावड़ा लगा रहता है। रातभर शराब पी जाती है। मैंने अपने बच्चों को घर से बाहर खेलने से भी मना कर दिया है। बच्चे पूरे दिन घर में बंद रहते हैं। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।