पूछने पर किशाेरी ने बताया कि वह हिंदू है। पांच वर्ष की आयु में वह अपने माता-पिता से बिछड़ गई थी, जिसे एक व्यक्ति उसे जबरन उठा लाया था। आरोप है कि उसकी मां शबनम उसे जबरन पैरों में लोहे की जंजीर बांधकर रखती हैं और बेरहमी से मारपीट कर उसे भूखा रखते हैं। पड़ोसी बच्ची के मां-बाप छुपते छुपाते उसे खाने को भोजन देते हैं।
किसी तरह से चंगुल से छूटकर मंदिर तक पहुंची है। बालिका का कहना था कि वह अगर उनके पास जाएगी तो वह उसे मार देंगे। मामले की सूचना स्थानीय पुलिस व हिंदू संगठन नेताओं को दी गई। मौके पर पहुंचे एसआई राघवेंद्र सिंह ने बालिका को लेकर थाने ले आए। महिला शबनम परिजनों के साथ थानाभवन थाने पहुंची और बताया कि बालिका उसकी पुत्री है, जो मानसिक तौर पर बीमार है।
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बताया कि कल्लू की लगभग 1 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी जिसके बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। मां मजदूरी कर परिवार का लालन पालन करती है। किशोरी मानसिक तौर पर बीमार होने के कारण उसे जंजीर से बांधकर रखना पड़ता है अन्यथा वह घर से बिना बताए गायब हो जाती है।
देर रात भी ऐसा ही हुआ जंजीर खुल जाने के कारण बालिका घर से गायब हो गई थी। थानाभवन चौकी इंचार्ज एसआई राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बच्ची के मोहल्ले के हिंदू व मुस्लिम दोनों पक्षों को बुलाया गया।
पूछताछ की गई तो सभी ने बताया कि यह बच्ची शबनम की ही है। जिसे वह बचपन से देख रहे हैं। जांच पड़ताल के बाद बालिका को उसकी मां शबनम को सौंप दिया गया है और मारपीट न करने की हिदायत दी गई है। कहा कि उसे जंजीर में बांधकर भी नहीं रखे।