कैराना की नाहिद कॉलोनी में शुक्रवार को भारी पुलिस बल ने पहुंचकर दंगा विस्थापित परिवारों का आधार कार्ड के माध्यम से सत्यापन किया। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद यहां बसे करीब 300 परिवारों का विवरण दर्ज किया गया।
शामली जनपद के कैराना थानाक्षेत्र में दंगा विस्थापितों की नाहिद कॉलोनी में शुक्रवार को भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ पुलिस की कई टीमें पहुंचीं। इस दौरान कॉलोनी में रह रहे लोगों का आधार कार्ड के जरिए सत्यापन अभियान चलाया गया।
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सत्यापन अभियान
- फोटो : अमर उजाला
आधार कार्ड के आधार पर दर्ज किया गया विवरण
पुलिस टीमों ने कॉलोनी के घर-घर जाकर निवासियों के आधार कार्ड चेक किए। आधार कार्ड के आधार पर लोगों के नाम, परिवार के सदस्यों की संख्या और आधार नंबर को रजिस्टर में दर्ज किया गया। सत्यापन के दौरान कॉलोनी में रहने वालों से सहयोग की अपील भी की गई।
2013 दंगों के बाद बसे थे परिवार
गौरतलब है कि वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद लाक, लिसाढ़, बाहवड़ी, फुगाना समेत आसपास के गांवों से करीब 300 दंगा विस्थापित परिवार नाहिद कॉलोनी में आकर बस गए थे। तब से यह कॉलोनी दंगा पीड़ितों का प्रमुख ठिकाना बनी हुई है।
सुरक्षा और रिकॉर्ड अपडेट का उद्देश्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह सत्यापन अभियान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी रिकॉर्ड अपडेट रखने के उद्देश्य से चलाया गया। अभियान के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति सामने नहीं आई।