पानीपत के गांव खोतपुरा निवासी छह युवक और किशोर यमुना में नहाने आए थे। सभी छह युवक और किशोर यमुना में हरियाणा की साइड़ नहाने लगे। इसी दौरान तीनों डूब गए। डूबने पर छात्रों के साथी आबिद, गौरव, रिहान ने शोर मचा दिया। शोर शराबा होने पर गोताखोर और पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना पर दोनों के परिजन भी मौके पर पहुंचे। तीनों के परिजन खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं।
शुक्रवार तक भी तीनों का कोई सुराग नहीं लग सका। एसडीएम का कहना है कि तीनों को तलाश करने में गोताखोर जुटे हैं। मोटर बॉट का भी सहारा लिया जा रहा है।
12 दिन पहले भी यमुना में दो सगे भाई और उनका मामा डूब गया था
यमुना नदी में गहरे गहरे गड्ढे होने के कारण 4 अगस्त को पानीपत के थाना चांदनी बाग से यमुना में नहाने आए राजस्थान के मूल निवासी महेश(30) और उसका भाई बोधू(25) उर्फ जितेंद्र तथा 35 वर्षीय मामा लोकेश यमुना में नहाते समय डूब गए थे। अगले दिन 5 अगस्त को गोताखोरों ने यमुना पुल से करीब 1 किलोमीटर आगे मामौर के पास से महेश और लोकेश का शव बरामद किया था।
बाद में गोताखोरों ने तीसरे युवक जितेंद्र की तलाश में कई दिन तक अभियान चलाया, लेकिन 11 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक यमुना में डूबे जितेंद्र का कहीं पता नहीं चल सका। इससे पहले भी समय समय पर यमुना नदी में स्नान के दौरान युवकों ने अपनी जिन्दगी गवाई। ग्रामीण सोहनवीर, सादिक आदि का कहना है कि यमुना में गहरे कुंड के कारण लोग काल के गाल में समाते हैं। कुंड के लिए जिम्मदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।