उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में जेल में बंद सपा विधायक नाहिद हसन पर अमानत में ख्यानत के दूसरे मुकदमे में भी जमानत के लिए फैसला नहीं हो सका।
वर्ष 2019 में झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा खुशनाम निवासी महिला शाहजहां ने कैराना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें गांव भूरा निवासी नवाब पर आरोप लगाया था कि नवाब ने उसके पति की गाड़ी किराए पर ली थी और किराए के 1.80 लाख रुपये नहीं दिए।
आरोप था कि नवाब ने उसके पति की गाड़ी सपा विधायक नाहिद हसन के पुराने धान के सैलर में छिपाकर रखी थी। नाहिद ने उसके पति को फोन पर धमकी दी थी। पुलिस ने नाहिद हसन व भूरा निवासी नवाब के खिलाफ अमानत में ख्यानत करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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15 जनवरी को गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित चलने पर नाहिद हसन जेल चले गए थे। नाहिद हसन के जेल जाने के बाद अमानत में ख्यानत के मामले की एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत याचिका खारिज हो गई थी। सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसी मामले में जमानत के लिए सुनवाई होनी थी। कोर्ट में नाहिद हसन की जमानत पर फैसला नहीं हो सका।
जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 14 मार्च की तारीख नियत की गई हैं। इससे पहले नाहिद पर दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में भी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। जिसको दूसरी बेंच में ट्रांसफर किया गया था। अब नाहिद हसन को गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे सहित अमानत में ख्यानत के मामले में भी जमानत करानी होगी।